थराली से हरेंद्र बिष्ट।
बागेश्वर जिले के अंतर्गत कपकोट विकासखंड के अंतर्गत लाहुरी क्षेत्र के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दर.दर भटकने पर मजबूर बने हुए हैं। दरअसल विकासखंड मुख्यालय कपकोट विकासखंड के अंतर्गत लाहुर गांव में सरकार के द्वारा एक अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई है। किन्तु पिछले कुछ सालों से यहां पर डाक्टर से लेकर सफाई कर्मी तक इस स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद नहीं है। जिस कारण मजबूरन लाहुर क्षेत्र के तमाम गांवों के ग्रामीणों को 15 से 20 किमी दूर कपकोट उपचार के लिए आना.जाना पड़ता है।
बताया जाता है कि कई बार गंभीर रूप से बिमार ग्रामीणों की असमय ही मृत्यु हो जाती हैं। ग्रामीण के द्वारा लंबे समय से इस चिकित्सालय में डाक्टर सहित अन्य चिकित्सकीय स्टाफ की नियुक्ति की मांग करते आ रहे हैंए किंतु उनकी इस मांग को किसी भी स्तर पर गंभीरता से नही लिया जा रहा हैं। जिससे ग्रामीणों में भारी मायूसी व्याप्त हैं।
गत दिवस क्षेत्र भ्रमण पर पहुंचे कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण के सामने जब ग्रामीणों ने अपनी आप बीती बताई और बताया कि वर्तमान में जबकि पूरा विश्व कोविड 19 की महामारी से जूझ रहा और इस क्षेत्र के वृद्धजनों को को डोली, कंडी से वैक्सीनेशन लगाने के लिए ग्रामीणों को मजबूर होना पड़ रहा हैं। इस जानकारी के बाद पूर्व विधायक फर्स्वाण भड़क उठे।
उन्होंने भाजपा के डबल इंजन की सरकार की बात कहने एवं विकास का दंभ भरने वाली राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि भाजपा का ध्यान केवल मुख्यमंत्रियों को बदलने तक ही सीमित रह गया है। उसे प्रदेश के लोगों के दुःख दर्द से कोई भी सरोकार नहीं रह गया है। यही कारण है कि राज्य के दुरस्थ क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात, पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं के लिए भटक रहे हैं। पूर्व विधायक ने कहा कि अगर जल्द ही लाहुर अतरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक, फार्मसिस्ट, वार्डबॉय, सफाई कर्मी की तैनाती नहीं की गई तो मजबूरन वें क्षेत्रीय जनता के साथ मिलकर जन आंदोलन छेड़ देंगे।









