यूजेवीएन लिमिटेड के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक श्री अजय कुमार सिंह ने आज 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने परियोजना के विभिन्न घटकों जैसे बांध निर्माण, विद्युत उत्पादन संरचनाओं, सुरंग कार्य तथा सहायक अवसंरचनाओं आदि का गहनता से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
प्रबंध निदेशक ने परियोजना की वर्तमान प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी कार्यों के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप तीव्र गति से संचालित किए जाएं। उन्होंने निर्देशित किया कि इस हेतु पर्याप्त संख्या में मानव शक्ति, मशीनरी एवं अन्य आवश्यक संसाधनों कार्यस्थल पर लगाए जाएं। श्री सिंह ने यह भी कहा कि लखवाड़ परियोजना राज्य एवं राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो न केवल विद्युत उत्पादन में वृद्धि करेगी, बल्कि सिंचाई, पेयजल आपूर्ति तथा बाढ़ नियंत्रण जैसे बहुआयामी लाभ भी प्रदान करेगी।
उन्होंने निगम के अधिकारियों तथा परियोजना से जुड़ी विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता या बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि माननीय प्रधानमंत्री एवं उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर राष्ट्र को समर्पित करना सर्वोच्च लक्ष्य है।
श्री अजय कुमार सिंह ने आश्वस्त किया कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रबंधन स्तर पर आवश्यक सभी तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग निरंतर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लाने तथा संभावित चुनौतियों का समय रहते समाधान करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अधिशासी निदेशक श्री राजीव अग्रवाल, महाप्रबंधक श्री एस. के. सिंह सहित निगम एवं परियोजना से जुड़े विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा प्रबंध निदेशक को परियोजना की अद्यतन प्रगति, चुनौतियों तथा आगामी कार्ययोजना से अवगत कराया गया।
लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के समयबद्ध पूर्ण होने से उत्तराखंड के ऊर्जा क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी तथा क्षेत्रीय विकास को भी महत्वपूर्ण गति प्राप्त होगी।












