रिपोर्टर-प्रियांशु सक्सेना
डोईवाला। विधानसभा चुनाव में एक सप्ताह से भी कम का समय शेष है और कांग्रेस पार्टी राज्य में सरकार बनाने के दृढ़ संकल्प के साथ मैदान में है। हॉट सीट डोईवाला में भाजपा.कांग्रेस की कड़ी टक्कर है, पलड़ा किसी भी वक्त किसी भी पार्टी की ओर झुक सकता है।
डोईवाला विधानसभा की जनता की लंबे समय से मांग थी की डोईवाला का जो विधायक हो वह स्थानीय व्यक्ति ही हो, परंतु 21 सालों में डोईवाला का विधायक कभी स्थानीय व्यक्ति नहीं रहा, फिर चाहे वह भाजपा सरकार हो या कांग्रेस।
लेकिन इस बार कांग्रेस ने जनता की मांग को पूरा किया और स्थानीय व्यक्ति गौरव सिंह गिन्नी को कांग्रेस प्रत्याशी बनाकर भाजपा के खिलाफ मैदान में उतारा। क्षेत्र की जनता इस बात से काफी प्रसन्न है और कांग्रेस प्रत्याशी गौरव के समर्थन में है।
डोईवाला विधानसभा के वार्ड नंबर 1 टोंगिया में पूर्व प्रधान राजेश गुरुंग के निवास स्थान पर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने भव्य जनसभा को संबोधित किया और स्थानीय कांग्रेस प्रत्याशी गौरव सिंह को जिताने की अपील की।
बुधवार को बारिश और खराब मौसम के बावजूद भी भारी संख्या में कार्यकर्ता व आमजन नेता प्रतिपक्ष के संबोधन में उनको सुनने पहुंचे। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कई युवा भाजपा कार्यकर्ताओं व बसपा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई।
नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पूरी तरह से फैल रही है। केंद्र में मोदी और राज्य में त्रिवेंद्र रावत की भाजपा की इस जोड़ी ने आम जनता को केवल छ्ला है। भारतीय जनता पार्टी ने युवाओं को देने की बजाय उनसे रोजगार छीना हैए कोरोना महामारी के दौरान भी भाजपा सरकार पीड़ितों और कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर तक भी मोहिया ना करा पाई।
हरिद्वार में कोरोना संक्रमण की जांच में जो घोटाला भाजपा सरकार के रहते हुए वह भी सरकार की नाकामयबी और लापरवाही का नतीजा था। तीन कृषि कानूनों के कारण देश के किसानों को एक साल से भी अधिक समय तक बॉर्डर पर धरने में बैठे थे जिसमें 700 से अधिक किसानों की शहादत हो गई।
कांग्रेस प्रत्याशी गौरव सिंह ने कहा कि क्षेत्र की जनता भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध में खड़ी है। वह नहीं चाहती कि उनको दोबारा इतनी महंगाई का सामना करना पड़े और उनके बच्चों को बेरोजगारी का सामना करना पड़े। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान डोईवाला विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत सत्ता में आते ही डोईवाला से गायब हो गए।
उन्होंने कभी भी क्षेत्र की जनता का दुख ना समझा ना देखा, ग्रामीण इलाकों में खराब व ध्वस्त सड़कों के कारण जनता बेहद परेशान है, परंतु उन्हें इस बात से कुछ लेना देना नहीं। डोईवाला के सामुदायिक चिकित्सालय को निजीकरण में देने के कारण गरीब जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं बिल्कुल भी नसीब ना हुई।











