देहरादून। उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में केंद्र सरकार से प्रदेश में लाॅकडाउन को बढ़ाने की सिफारिश की गई है। विधायकों के वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती की गई है और विधायक निधि में हर साल एक-एक करोड़ की कटौती की गई है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक में इस पर मुहर लग गई है। दून स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कैबिनेट की बैठक में मंत्रियो ने कोरोना से प्रभावी ढंग से लड़ने के लिए कार्य योजना भी बनाई।
कुछ दिन पहले मोदी कैबिनेट ने एक दिन पहले सांसदों के वेतन में 30 फीसदी कटौती के साथ ही उनकी निधि भी दो साल के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है। त्रिवेंद्र कैबिनेट ने भी इस फार्मूले अपनाया है। हालांकि, कैबिनेट पहले ही विधायक निधि से 15-15 लाख रुपये कोरोना से जंग के लिए सीएमओ को देने का निर्णय ले चुकी है, लेकिन यह अनिवार्य व्यवस्था नहीं है।
कोरोना से लड़ने के लिए विधायक निधि से एक .एक करोड़ कोविड 19 फंड में भी जमा किया जाएगा। कैबिनेट ने उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते मामले से निपटने के लिए लॉकडाउन को बढ़ाने के लिए भारत सरकार को सुझाव भेजा है। भारत सरकार द्वारा अगर सुझाव पर मुहर लगा देती है तो उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा दिया जाएगा।
बैठक में ज़रूरी दुकानों को खोलने के समय की अवधि कम करने को सीएम को अधिकृत किया गया है। कोरोना में लॉक डाउन को देखते हुए सरकार ने सामान्य कार्डधारकों को दो गुना राशन देने का फैसला भी लिया है। चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली को भी मंज़ूरी दी गई है।
एपीएल परिवारों को तीन माह तक 15 किलो राशन मिलेगा। प्रदेश में करीब 11 लाख परिवार हैं। बैठक में स्वास्थ्य विभाग में तकनीशियनों की भर्ती के लिये नियमावली को मंजूरी दी गयी। 338 पद पर भर्ती होगी।
कोरोना बढ़ रहे मामलों से सरकार पशोपेश में है। मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने गृह, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, खाद्य आपूर्ति सहित अन्य कुछ विभागों से लॉकडाउन के दौरान रही स्थितियों पर रिपोर्ट मांगी गयी थी। इस रिपोर्ट को सभी मंत्रियों के साथ साझा किया। तब्लीगी जमातियों और उनके संपर्क में आए लोगों के संक्रमित होने से बढ़ रहे मामलों से सरकार पशोपेश में है कि 15 अप्रैल से जनता को क्या राहत दी जाए।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने मंगलवार को विधायक निधि को अगले दो साल के लिए बंद करने और मंत्री, विधायक और राजनीतिक पदों पर बैठे लोगों के वेतन में तीस प्रतिशत कटौती का फैसला लिया था।
शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने कोरोना वाईरस कोविड-19 के सम्बन्ध में कैबिनेट निर्णय के बारे में जानकारी दी।
- भारत सरकार की गाईडलाईन के अनुसार मा0 मुख्यमंत्री, मंत्री और समस्त विधायक गणों के वेतन में 30 प्रतिशत कटौती, कोविड-19 फन्ड के लिए किया जायेगा तथा आगामी दो वर्षो में विधायक निधि के अन्तर्गत एक-एक करोड रूपये की कटौती कोविड-19 फन्ड के लिए की जाएगी।
- प्रदेश में जामातियों की संख्या बढने के कारण कोरोना वाईरस कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए 14 अप्रैल के बाद लाॅकडाउन बढाने की संस्तुति केन्द्र सरकार को भेजी जाएगा।
- खाद्यान सुरक्षा योजना के अन्तर्गत सभी नागरिकों को प्रार्याप्त राशन उपलब्ध कराने का निर्णय लिए गया। इसके तहत अन्त्योदय योजना के अन्तर्गत 35 किग्रा0 राशन गेहंू और चावल के रूप में 03 माह का राशन उपलब्ध रहेगा।
खाद्यान सुरक्षा योजना सफेद कार्ड धारक को प्रति यूनिट 05 किग्रा0 चावल, दाल फ्री उपलब्ध कराया जाएगा।
उन दोनों कार्ड से अलग 40 लाख युनिट वाले 10 लाख राशन कार्ड धारकों को 7.5 किग्रा0 राशन की मात्रा को दोगुना कर 15 किग्रा0 राशन कार्ड धारकों को अप्रैल, मई और जून तीन माह के लिए वितरण किया जाएगा।
जिसके पास कोई भी राशन कार्ड नही होगा उन्हे राशन किट दिया जाएगा। - कोरोना वाईरस कोविड-19 के इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विभाग, टैक्निशियन संवर्ग विभिन्न पदों हेतु कुल 347 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
आज 823 आईसोलेशन बैड, पाॅजिटिव केस हेतु, 1682 संदेहास्पद बैड, 455 आईसीयू, 251 वैंटिलेटर, 8695 पी0पी0ई0 किट, 2034 वी0टी0एम0किट सुविधा मौजूद है। इसके अतिरिक्त गैर.सरकारी अस्पताल में भी सुविधा उपलब्ध है।
उपरोक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढाने का भी प्रयास किया जा रहा है। - खाद्यान वितरण.कार्य के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया कि एन0 जी0 ओ0 इत्यादि प्रशासन के माध्यम से करायें।
- बैठक में सोशल डिस्टेसिंग पर बल देते हुए कहा गया कि प्रभारी मंत्री अने जनपदों की समीक्षा वीडियों कान्फ्रेंसिंग और टेलीफोन के माध्यम से करेए तथा सभी विधायकगण क्षेत्रों में ना जाकर अपने निवास स्थान पर टेलीफोन के माध्यम से समीक्षा करें।
- रोजाना आवश्यक सामग्री के खरीद हेतु दी गई समय सीमा को कम करने का अधिकार मा0 मुख्यमंत्री को सौंपा गया।











