
थराली से हरेंद्र बिष्ट।
आने वाले जन्माष्टमी के महा पर्व पर इस विकासखंड के अंतिम गांव रूईसाण के मानिल सैण नाम स्थान पर पहली बार 29 एवं 30 अगस्त को लोक संस्कृति महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिसके लिए ग्रामीणों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इस विकासखंड के अंतिम गांव में सुमार रूईसाण गांव के मनिल सैंण में जन्माष्टमी के पावन पर्व पर पहली बार दो दिवसीय लोक.संस्कृति महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। रूईसाण गांव के क्षेत्र पंचायत सदस्य दिगंबर देवराड़ी एवं ग्राम प्रधान पार्वती राणा ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से देखने में आ रहा हैं कि तेजी के साथ शादी सहित तमाम खुशियां के सार्वजनिक कार्यक्रमों में दशकों से झोड़ा, चांचरी, चफूला आदि का आयोजन लगभग समाप्त होता जा रहा हैं। इसके अलावा तमाम पारंपरिक वाद्य यंत्रों के प्रति भी लोगों का आकर्षण घटना दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
इसी लोक.संस्कृति को बचाने एवं इसका प्रचार.प्रसार करने के लिए इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा हैं। बताया कि इसमें क्षेत्र की महिलाए युवक मंगल दलों, क्षेत्रीय सांस्कृतिक दलों के साथ ही लोक संस्कृति का प्रचार प्रसार करने वाले लोगों को आमंत्रित किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल ऐसे स्थान को चुना गया हैं जोकि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है।इस स्थाल पर आयोजन किए जाने से इस क्षेत्र के पर्यटन के रूप में भी विकसित होने की काफी अधिक संभावना हैं।









