नौगांव। मुंगर, संति और खाटल पट्टी विकास की ओर अग्रसर है, परंतु बैंकों के नाम पर किसी भी बैंक की शाखा नहीं है। व्यवसाय की दृष्टि से दोनों पट्टी विकास की ओर अग्रसर होते हुए इस क्षेत्र को राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं खोलकर जहां बैंके अपने व्यवसाय में वृध्दि कर सकेंगे तो दूसरी और विकास भी अधिक गति से बढ़ सकेगा।
तियां के आसपास 35 से अधिक गांव हैं, जो बैंकिंग सेवा में शामिल हो सकते हैं। क्षेत्र के लोगों को किसान क्रेडिट, गृह ऋण, व्यापार के लिए ऋण, शासकीय कर्मचारियों के लिए ऋण सहित विभिन्न योजनाएं नहीं मिल रही हैं। क्षेत्र में 500 के आस पास शासकीय कर्मचारी हैं, जिनकी वेतन राशि आहरण हेतु 50 किमी नौगांव जाना पड़ता है। क्षेत्र में राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं खोल कर उसके विकास की गति बढ़ाई जा सकती है।
केंद्र शासन की मंशा है कि प्रत्येक 2000 की आबादी पर अनिवार्य रूप से शाखा खोली जाए। परंतु मुंगर संति और खाटल पट्टी की आबादी 25 हजार के पार पहुंचने के बाद भी राष्ट्रीयकृत बैंकों का मुंगर संति और खाटल पट्टी के साथ उपेक्षापूर्ण व्यवहार हीं कहां जाएगा। वहीं क्षेत्र की जनप्रतिनिधि डामटा कफ़नोल वार्ड से जिला पंचायत सदस्य पूनम थपलियाल और विपिन थपलियाल लगातार बैंक की शाखा खुलवाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में विपिन थपलियाल ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार और पंजाब नेशनल बैंक के उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है। विपिन थपलियाल के प्रयास से पंजाब नेशनल बैंक के द्वारा शाखा खोलने के लिए सर्वे भी हो चुका है, लेकिन अभी तक शाखा नहीं खुल पाई।
इस संबंध में आज विपिन थपलियाल ने राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी से उनके आवास पर नई दिल्ली में भेंट की और क्षेत्र मैं बैंक की शाखा खुलवाने के लिए आग्रह किया। सांसद ने सकारात्मक आश्वासन दिया। अब देखना यह है कि मुंगर संति और खाटल पट्टी के लोगों की समस्या पर सरकार कब तक संज्ञान लेती है।











