शंकर सिंह भाटिया : फूलों की घाटी मे पंहुच रहे है देश-विदेश के पर्यटक। हेमकुंड साहिब-लोकपाल तक नहीं पंहुचने से मायूस भी हो रहे है। अब तक 1560 पर्यटक घाटी की सैर कर चुके है। इन दिनों पूरे यौवन पर है फूलों की घाटी। विश्व धरोहर फूलों की घाटी खुलने के बाद से पर्यटको के पंहुचने का क्रम लगातार जारी है। इन दिनो प्रतिदिन डेढ सौ से अधिक पर्यटक घाटी पंहुच रहे है। वन विभाग को भी पर्यटको के माध्यम से शुल्क के रूप मे अच्छी आय हो रही है। फूलों की घाटी इस वर्ष 1जुलाई को पर्यटको के लिए खोली गई थी,तब से देश भर कि विभिन्न राज्यों के साथ ही विदेशी पर्यटको के पंहुचने का सिलसिला लगातार जारी है। हेमकुंड साहिब-लक्ष्मण मंन्दिर के कपाट नही खुलने के वावजूद भ्यूॅडार वैली मे प्रकृति प्रेमी पर्यटको के आवागमन से रौनक लौट आई है। फूलों की घाटी के मुख्य पडाव घाॅघरियाॅ मे होटल,रेस्टोरेंन्ट व ढाबे पूर्ण रूप से खुले है, तो वन महकमा भी पूरी चैकसी के साथ घाटी मे मौजूद है। विश्व धरोहर फूलों की घाटी इन दिनों पूरे यौवन पर है, यहाॅ इन दिनों प्रीमूला, पोंटेन्टिला, ब्लू पाॅपी, मोरीनालोंगीफूलिया, रोज मोस्यारा, व कोबरा चिल्ली सहित अनेक किस्मो की फूल खिलें है।, प्रकृति प्रेमी पर्यटक घाटी की सैर के दौरान सैकडो के किस्म के फूलों के साथ तस्वीर खिंचाने के अलावा घाटी की खूबसूरत हसीन वादियों को अपने कैमरे मे कैद कर संजो रहे है। घाटी मे पंहुचने वाले पर्यटको मे पंजाब, हरियाणा,राजस्थान, दिल्ली, मुबंई व वैगंलौर आदि प्रदेशो के है। फूलों की घाटी रैंज के रैंज आफीसर बृजमोहन भारती के अनुसार 1जुलाई को घाटी खुलने के बाद से अब तक 1560 पर्यटक घाटी की सैर कर चुके है, जिनमे दो अफगानिस्तान व एक नेपाल का पर्यटक भी शामिल है।

उन्होने जानकारी दी कि वन विभाग घाटी मे प्रवेश के लिए प्रवेश शुल्क के रूप मे भारतीय पर्यटक से 150 रूपया प्रति पर्यटक तथा विदेशी पर्यटक से 6सौं रूपया शुल्क लेता है। और एक जुलाई से अब तक पर्यटको से वन विभाग को ढाई लाख से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। गौरतलब है कि कोविड महामारी के कारण इस बार भी फूलों की घाटी को एक महीने बाद खोली गई, घाटी प्रतिवर्ष 1जून को खोल दी जाती रही है, लेकिन दो वर्षो से कोरोना महामारी के कारण घाटी को देर से खोला जा रहा है, गत वर्ष 15अगस्त को घाटी पर्यटको के लिए खोली गई थी, और अक्टूबर महीने तक 945 पर्यटक ही घाटी पंहुच सके थे। इस बार 1जुलाई को खोले जाने से 24दिनों मे पर्यटको का आंकडा 1560 तक पंहुच गया है। घाॅघरिया मे ब्यवसाय कर भ्यूॅडार गाॅव के दिनेश झिक्वांण, रघुबीर चैहान आदि का कहना है, कि हाॅलाकि फूलों की घाटी खुलने से उनको ब्यवसाय शुरू करने का अवसर तो मिला लेकिन हेमकुंड साहिब-लोकपाल भी खुलता तो उससे उनके ब्यवसाय को और भी लाभ मिलता। उनका कहना था कि इन दिनो जो पर्यटक घाटी के लिए पंहुच रहे है वे घाॅधरिया मे एक रात्रि ही प्रवास कर रहे है, यदि हेमकुंड साहिब-लोकपाल खुला रहता तो पर्यटक भी दो रात्रि घाॅधरिया मे प्रवास करते, और कोविड के कारण पिछले दो वर्षो से चैपट हो चुके होटल ब्यवसायियों को भी इसका लाभ मिलता। बहरहाल राज्य के चारों धाम सहित सभी मठ-मंन्दिरों मे प्रवेश वर्जित है, लेकिन राज्य के पर्यटक स्थलों व टैªकिंग स्थलों मे पर्यटको का जमवाडा लगा है। अब देखना होगा कि उत्तराखंड हाईकोर्ट आगामी 28जुलाई को चारधाम यात्रा को लेकर क्या निर्णय देता है, इस पर चारधामों के निवासियों की नजरें टिकी है।