रिपोर्ट: लक्ष्मण नेगी
चमोली। प्रकृति के संरक्षण के लिए एक भावनात्मक जुड़ाव के लिए सादी के समय वर वधु के द्वारा वृक्षारोपण कार्य से एक आपसी जुड़ाव का अनूठा संदेश है लोगों में प्रकृति के प्रति एक भाव पैदा करने के लिए यह प्रयास शुरू किया गया है जनपद देहरादून के राजीव नगर तल्ली कंडोली में स्वर्गीय गिरीश चंद्र चमोली के पुत्र की शादी में वर वधू अक्षय एवं ऋचा ने घर के आंगन में आम का समलौण पौधा रोपकर शादी को यादगार बनाने के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया, पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी स्वयं ऋचा ने ली, कार्यक्रम का संचालन समलौण आंदोलन के राज्य संयोजक मातबर सिंह बर्त्वाल ने किया, उन्होंने कहा वृक्षों का लगातार कमी होने के कारण पर्यावरण संतुलन हो रहा है विशेष कर शहरों में मकान आदि अनेक प्रकार के निर्माण कार्य होने से वृक्षों की संख्या में लगातार कमी हो रही है जिससे वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा घट रही है उसके अनुपात को बरकरार रखने के लिए हमें अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने होंगे, संस्कारों के अवसर पर लगाए गए पौधों का संरक्षण भावनात्मक लगाव के कारण संभव है तभी पर्यावरण मजबूत होगा और हमारा भविष्य भी बच पाएगा। कार्यक्रम में अक्षय की मां बिमला देवी चमोली, नानी सोभती देवी नौटियाल, आकांक्षा, चमोली, मोहनी चमोली, संजय चौहानआदि मेहमान और परिवार के सदस्य उपस्थित थे। परिवार ने 350रुपये की नगद राशि पुरस्कार स्वरूप भेंट भी किए।











