• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

केदारनाथ यात्रा मार्ग में 951 घोड़े-खच्चर ब्लॉक,3315 का परीक्षण,1086 का किया ईलाज, नियमों का उल्लंघन करने पर 6 लोगों पर मुकदमा भी दर्ज

12/06/24
in उत्तराखंड
Reading Time: 1min read
184
SHARES
230
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

रिपोर्ट – सत्यपाल नेगी /रूद्रप्रयाग

रूद्रप्रयाग: श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग में संचालित घोड़े-खच्चरों के संचालन एवं संचालकों पर प्रशासन की पैनी नजर है।घोड़े-खच्चरों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए संचालन के लिए निर्धारित नियम एवं मानकों का पालन नहीं करने वाले 951 घोड़े-खच्चरों को पिछले 32 दिन में ब्लॉक किया गया है।जबकि 3315 घोड़े-खच्चरों का स्वास्थ परीक्षण किया गया है। साथ ही 1086 घोड़े-खच्चरों को इलाज दिया गया है।जबकि 93 घोड़े अनफिट पाए जाने पर यात्रा संचालन से बाहर कर दिया गया है। इसके अलावा नियमों के उल्लंघन पर अब तक 06 घोड़े-खच्चर संचालकों पर मुकदमा भी किया जा चुका है। बताते चलें कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सफल एवं सुगम संचालन में घोड़े-खच्चरों भूमिका अहम होती है, देश-विदेश से यात्रा पर आने वाले कई श्रद्धालु जो धाम के कठिन पैदल यात्रा मार्ग पर चलने में अक्षम है।उनकी यात्रा संपन्न कराने में घोड़े-खच्चर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ इन बेजुबान जानवरों के संरक्षण एवं सुविधाओं का जिम्मा भी जिला प्रशासन के पास है। ऐसे में घोड़े खच्चर संचालन एवं संचालकों के लिए शासन के आदेशों के क्रम में सख्त एसओपी तैयार की गई है जिसका अनुपालन करवाने के लिए पशुपालन विभाग सहित प्रशासन की पूरी मशीनरी हर दिन 24 घंटे कार्य कर रही है।शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में इस वर्ष करीब 8300 घोड़े-खच्चर ही पंजीकृत किए गए हैं। घोड़ा-खच्चरों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रोटेशन के आधार पर एक दिन में 4000 घोड़े-खच्चर ही यात्रा मार्ग पर संचालित किए जा रहे हैं। हर घोड़े को एक दिन का आराम मिलने के बाद दूसरे दिन संचालन की अनुमति है। इसके अलावा निर्माण सामाग्री, ट्रांसपोर्ट के लिए करीब 1000 घोड़े- खच्चर पंजीकृत हैं।जबकि यात्रा मार्ग में सोन प्रयाग गौरीकुंड,लिंचोली,रुद्रा पॉइंट पर चार अस्पताल संचालित हैं जिनमें 07 डॉक्टर्स एवं 57 पैरा वेट एवं दो पशुधन प्रसार अधिकारी तैनात हैं।वहीं प्रसिद्ध ब्रूक्स इंडिया फाउंडेशन के 02 डॉक्टर एवं 03 पैरा वेट स्टाफ अपनी भी सेवाएं दे रहे हैं। 30 टन प्रतिदिन लीद निस्तारण हेतु सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट घोड़ा- खच्चर संचालक को व्यवस्थित करने के लिए इस वर्ष जिला प्रशासन ने कई नए कदम भी उठाए हैं। यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की लीद से निजात दिलाने के लिए त्रिजुगी नारायण मार्ग पर निर्माणाधीन 30 टन प्रतिदिन शोधन की क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जून के तीसरे हफ्ते में संचालित होना शुरू हो जाएगा।वहीं अवैध रूप से घोड़े- खच्चर संचालन पर रोक लगाने के लिए तीन चरण में उनकी पहचान सुनिश्चित की जा रही है। पहले चरण में बीमा के दौरान कान में एयर टैग लगाया जा रहा है, दूसरे चरण में हर घोड़े को एक आरएफ आईडी जारी की जाती है वहीं इस वर्ष छोटा सा लो फ्रीक्वेंसी इंफ्रारेड डिवाइस घोड़ों मे इंजेक्ट किया जा रहा है। जिसके माध्यम से हर पशु की पहचान तो हो ही रही है जबकि उसकी पूरी ट्रैकिंग भी की जा रही है। हर दो महीने में लेना होगा फिटनेस सर्टिफिकेट मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष रावत ने बताया कि यात्रा मार्ग पर स्वस्थ घोड़े- खच्चर ही संचालित हो इसकी तैयारी यात्रा शुरू होने से पूर्व ही विभाग ने कर ली थी। विभिन्न गांव एवं कस्बों में जाकर घोड़े- खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसके आधार पर डॉक्टर्स द्वारा जारी फिटनेस सर्टिफिकेट के आधार पर ही यात्रा के लिए पंजीकरण किया गया है। यही कारण है कि इस वर्ष बेहद फिट घोड़े ही यात्रा मार्ग पर संचालित हो रहे हैं। यह फिटनेस सर्टिफिकेट मात्र दो महीने के लिए मान्य होगा, दो महीने बाद दोबारा परीक्षण करवा कर फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा। कोटमा में 200 घोड़े- खच्चरों के लिए बनेगा आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल डॉ आशीष रावत ने बताया कि कालीमठ रोड़ स्थित कोटमा गांव में पशुपालन विभाग की भूमि पर करीब 200 घोड़े- खच्चरों की क्षमता वाला आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल प्रस्तावित है।जिसका निर्माण कार्य जल्द शुरू होने जा रहा है। वहीं फटा में मौजूद पशु अस्पताल में वर्तमान समय में एक समय में करीब 40 घोड़े- खच्चरों का इलाज करने की क्षमता है। यात्रा मार्ग पर घायल या बीमार होने वाले घोड़े-खच्चरों को म्यूल टास्क फोर्स एवं पर्यावरण मित्र रेस्क्यू कर गौरीकुंड तक लेकर आते हैं जिसके बाद विभाग के रेस्क्यू वाहन में इन्हें फाटा अस्पताल में पहुंचा कर इलाज दिया जाता है। यात्रा मार्ग में 24 घंटे गर्म पानी की आपूर्ति के लिए बनेगी 04 नई चरियां घोड़े- खच्चरों को केदारनाथ यात्रा मार्ग की कठिन परिस्थितियों एवं ठंडे मौसम में सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने गर्म पानी की 14 चरियां हर एक किलोमीटर की औसतन दूरी पर बनाई हैं।जिसमें से गौरीकुंड गेट के समीप एक चरि में 24 घण्टे गर्म पानी उपलब्ध रहता है। मार्ग पर भीमबलि, जंगलचट्टी, रुद्रा पॉइंट एवं लिंचोली में 04 नई चरियां बनाई जा रही हैं जिनमें 24 घण्टे गर्म पानी उपलब्ध रहेगा।

https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2024/06/VID-20240611-WA0030.mp4

चेतक भवन में घोड़े और हॉकर कर सकेंगे आराम जिला प्रशासन द्वारा विशेष पहल करते हुए घोड़े-खच्चरों एवं उनके संचालक दोनों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर नए-नए शेड एवं डॉरमेट्री निर्माण करवाए हैं। डॉ आशीष रावत ने बताया कि त्रिजुगी नारायण मार्ग पर करीब 300 घोड़े-खच्चरों की क्षमता वाला एक विश्राम शेड तैयार हो चुका है, जबकि गौरीकुंड मार्ग पर में करीब 250 घोड़े- खच्चरों की क्षमता वाला शेड तैयार है।दोनों शेड के साथ घोड़े- खच्चरों के संचालकों के लिए डॉरमेट्री का निर्माण किया जा रहा है जहां हॉकर विश्राम कर सकेगें। इसके अतिरिक्त नाबार्ड के सहयोग से करीब 10 करोड़ की लागत से गौरीकुंड, लिंचोली एवं रुद्रा पॉइंट केदारनाथ में शेड एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल एवं आवासीय परिसर निर्माणाधीन है।

Share74SendTweet46
Previous Post

बुजुर्ग की लाठी बने सीएम धामी, पुष्कर धामी ने तुरंत किया समस्या का समाधान

Next Post

देहरादून : प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों में अब एक समान शुल्क लिया जाएगा 

Related Posts

उत्तराखंड

स्वयं सहायता समूहों से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर : ब्लॉक प्रमुख

January 17, 2026
32
उत्तराखंड

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत गुप्तकाशी में लगा बहुउद्देशीय शिविर

January 17, 2026
7
उत्तराखंड

राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में अध्यापकों को भारी भरकम टोटा है

January 17, 2026
5
उत्तराखंड

स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में उत्तराखण्ड को मिला ‘लीडर’ दर्जा

January 17, 2026
7
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी का शेफ समुदाय से संवाद, उत्तराखंड के स्वाद को “लोकल से ग्लोबल” बनाने का आह्वान

January 17, 2026
5
उत्तराखंड

गंगा में खूब फल-फूल रहे हैं घड़ियाल

January 17, 2026
5

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67583 shares
    Share 27033 Tweet 16896
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45769 shares
    Share 18308 Tweet 11442
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38040 shares
    Share 15216 Tweet 9510
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37430 shares
    Share 14972 Tweet 9358
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37312 shares
    Share 14925 Tweet 9328

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

स्वयं सहायता समूहों से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर : ब्लॉक प्रमुख

January 17, 2026

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत गुप्तकाशी में लगा बहुउद्देशीय शिविर

January 17, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.