डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। दिल में कुछ करने की सच्ची इच्छा हो, तो विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है। यह बात देहरादून जनपद के डोईवाला निवासी 16 वर्षीय वैष्णवी कौशल पर पूरी तरह सटीक बैठती है। जिस खेल की उत्तराखंड में अब तक कोई आधिकारिक टीम गठित नहीं है, उसी आइस हॉकी खेल में वैष्णवी ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
खेलो इंडिया के तहत लेह (लद्दाख) में 20 से 27 जनवरी तक आयोजित विंटर गेम्स 2026 की आइस हॉकी प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर डोईवाला की 11वीं कक्षा की छात्रा वैष्णवी कौशल ने प्रदेश को गौरवान्वित किया है। बता दे कि वैष्णवी कौशल पुत्री अनुराग कौशल उत्तराखंड की पहली खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर आइस हॉकी में हिस्सा लेकर इतिहास रचा है। उल्लेखनीय है कि पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में अब तक आइस हॉकी की कोई आधिकारिक टीम गठित नहीं हो पाई है। इसी कारण वैष्णवी ने राजस्थान टीम की ओर से खेलो इंडिया विंटर गेम्स में प्रतिभाग किया। चयन से पूर्व उन्होंने ट्रायल दिए, जिसके बाद उनका चयन हुआ। प्रतियोगिता में कुल सात टीमों ने भाग लिया। भानियावाला स्थित माउंट लिट्रा स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा वैष्णवी ने बताया कि वह पिछले पांच महीनों से आइस हॉकी में सक्रिय हैं और स्कूल के बाद प्रतिदिन लगभग तीन घंटे देहरादून स्थित एकेडमी में अभ्यास के लिए जाती थीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। वैष्णवी एक खेल परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत हैं। इस उपलब्धि पर उनके कोच अमित बेलवाल एवं विष्णु नारायण, माता जया कौशल, प्रदीप कौशल, भारत भूषण कौशल, बहन यश्वी कौशल, भाई आरब सहित पूरे परिवार, विद्यालय के शिक्षकों और परिचितों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।खिलाड़ी वैष्णवी बताती है कि उन्हें बचपन से ही खेलों में रुचि रही है। उनकी छोटी बहन फील्ड हॉकी खेलती थी, जिसे बाद उसने आइस हॉकी का रुख किया। जिसको देखकर उनका रुझान भी इस ओर बढ़ा और बाद में उन्होंने आइस हॉकी को अपना लक्ष्य बनाया। अपने अनुभव साझा करते हुए वैष्णवी ने कहा कि सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने कहा कि नकारात्मक सोच रखने वाले लोगों की बातों को नजरअंदाज कर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वैष्णवी का कहना है कि जल्द से जल्द उत्तराखंड की आधिकारिक आइस हॉकी टीम का गठन होना चाहिए, ताकि प्रदेश के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। उनका लक्ष्य भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व कर विश्व पटल पर देश, प्रदेश और क्षेत्र का नाम रोशन करना है। उन्होंने कहा कि सभी खेलों को समान महत्व और प्रोत्साहन मिलना चाहिए, क्योंकि हर खेल अपने आप में खास होता है।











