रिपोर्ट – सत्यपाल नेगी
रुद्रप्रयाग – जनपद रुद्रप्रयाग मे मुख्य शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे विनोद प्रसाद सिमल्टी का अचानक जिले से तबादला होने की खबर से शिक्षकों के साथ साथ जनपद के बुद्धि जीवीयों भी हैरानी है.उनकी कार्य कुशलता और मिलन सार व्यक्तित्व से सभी प्रभावित थे.हालांकि मुख्य शिक्षा अधिकारी का प्रमोशन अपर सचिव उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा रामनगर में हुआ है।
रुद्रप्रयाग मे डायट के प्राचार्य के साथ साथ अतिरिक्त प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी का कार्य देख रहे विनोद प्रसाद सिमल्टी का 8 माह का कार्यकाल बेहद ही सराहनीय रहा,इस वर्ष मार्च मे हुई उत्तराखंड हाई स्कूल व इण्टर बोर्ड की परीक्षा के समय उनके पास खण्ड शिक्षा अधिकारीयों से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी तक मौजूद नहीं थे ऐसे समय मे उन्होंने सभी स्कूलों के प्रधानाचारयों, शिक्षकों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करते हुए बोर्ड परीक्षाऐ सम्पन्न कराई,उनकी कार्य शैली का ही नतीजा रहा कि इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा मे जनपद ने ओवर ऑल प्रथम स्थान हासिल किया साथ ही हाई स्कूल के 24 और इण्टर के 6 छात्र छात्राओं ने राज्य मैरिट सूची मे स्थान प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया। वर्तमान मे रुद्रप्रयाग जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद प्रसाद सिमल्टी के बेहतर कार्य को देखते हुए शिक्षा विभाग द्वारा उनको प्रमोशन पर अपर सचिव उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर स्थानांतरण किया गया है।
जिले से स्थानांतरण की खबर सुनते ही शिक्षकों सहित अभिभावको मे मायूसी देखने को मिली,लोगों का कहना है कि जिले मे शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर वे बेहतर कार्य कर रहे थे,हालाँकि उनके पदोन्नत होने पर सभी ने उन्हें बधाई एंव शुभकामनायें दी। वहीं मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद प्रसाद सिमल्टी ने कहा कि मुझे 12 नवंबर 2022 को डायट के प्राचार्य के साथ अतिरिक्त प्रभार मुख्य शिक्षा अधिकारी का भी सौंपा गया,उस दौरान जिले मे न तो खण्ड शिक्षा अधिकारी थे न ही जिला माध्यमिक शिक्षा और न बेसिक शिक्षा अधिकारी थे,ऊपर से बोर्ड परीक्षाओ का भार था,लेकिन जिले के सभी प्रधानाचार्यों व शिक्षकों मे मेरे साथ मिलकर सकुशल परीक्षाए सम्पन्न कराई और जिले का बोर्ड परीक्षाफल भी प्रदेश मे सबसे बेहतर रहा.उन्होंने सभी शिक्षकों,छात्र छात्राओं एंव अभिभावको के सहयोग के लिए धन्यवाद भी किया। वहीं जिला मुख्यालय से लेकर अगस्त्यमुनि तक शिक्षको ने उनके स्थानांतरण पर उन्हें फूलमालो के साथ विदाई दीं।











