हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट
थराली। अगस्त 2025 में थराली क्षेत्र में आई दैवी आपदा में अवरूद्ध मोटर सड़कों को खुलवाने में लगाईं गई मशीनरी एवं डंपरों का भुगतान नही होने पर दूसरे दिन भी लोक निर्माण विभाग के थराली डीविजन में हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा अंत में थराली के उपजिलाधिकारी के हस्तक्षेप एवं तत्काल भुगतान के आश्वासन के बाद ठेकेदार शांत हुए। ठेकेदारों ने आशा जताई है कि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद उनकी भुगतान की आपदा दूर हो सकती हैं। दरसअल अगस्त 2025 में बड़ी दैवी आपदा के कारण थराली तहसील क्षेत्र में भारी नुक्सान हुआ था।
इस आपदा में अधिकांश मोटर सड़कें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिस पर लोनिवि थराली के द्वारा क्षेत्र के मशीन संचालकों एवं डंपर संचालकों को तहसील प्रशासन एवं जिला प्रशासन की मदद से सड़कों को खोलने में लगाया गया और विभाग ने समय पर सड़कों को यातायात के लिए खोलने में सफलता भी हासिल कर ली और लोनिवि, प्रशासन एवं आमजन ने राहत की सांस ली। परंतु 6 माह बाद भी मशीन संचालकों एवं डंपर मालिक ठेकेदारों को किए गए कार्यों का भुगतान नही होने पर ठेकेदारों के सम्मुख आर्थिक संकट की आपदा आ गई। पिछले महिनों से ठेकेदार भुगतान पाने के लिए लोनिवि थराली डीविजन के चक्कर काट रहे हैं, किंतु भुगतान नही हो पा रहा है। ठेकेदारों का आरोप हैं कि डीविजन में करीब पौने दो करोड़ रुपए से अधिक धनराशि आपदा मद में मौजूद हैं किंतु डीविजन के अधिकारियों के बीच बेहतरीन तालमेल नही होने के कारण भुगतान में अनावश्यक रूप से विलंब हो रहा है।
भुगतान की मांग को लेकर ठेकेदारों ने लोनिवि एवं प्रशासन के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भेज कर 16 फरवरी से लोनिवि थराली के कार्यालय में तालाबंदी की घोषणा की थी। बावजूद इसके भुगतान नही हो पाया तो 16 फरवरी को तालाबंदी के उद्देश्य से थराली डीविजन में एकत्रित हो गए थे सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन डीविजन में पहुंच गया और थराली के तहसीलदार अक्षय पंकज ने लोनिवि थराली के सहायक अभियंता कुमारी बबीता,खंडीय लेखाकार अरूण कुमार के साथ ठेकेदारों की बैठक करवा कर बुधवार से भुगतान की कार्रवाई शुरू करने की सहमती की गई किंतु आज जैसे ही ठेकेदार भुगतान की कार्रवाई आगे बढ़ने के लिए पहुंचे तों फिर से भुगतान में तमाम तरह के रोड़े अटकाए जाने लगा जिससे ठेकेदारों में रोष पनपने लगा और ठेकेदार इसका विरोध करने लगें। जिससे डीविजन में माहौल तनाव पूर्ण होने लगा। आपदा के दौरान किए गए कार्यों का भुगतान नही मिलने पर ठेकेदारों में आक्रोश फैलने की सूचना पर थराली के उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट लोनिवि के कार्यालय पहुंचे और उन्होंने लोनिवि थराली के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र, खंडीय लेखाकार अरूण कुमार के साथ आक्रोशित ठेकेदारों की बैठक करवाईं गई। जिस में लोनिवि के दोनों ही अधिकारी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते रहें जिससे बैठक में कई बार माहौल तनावग्रस्त बनता रहा।अंत में उपजिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों अधिकारियों को ठेकेदारों के द्वारा किए गए कार्यों का भुगतान तत्काल शुरू करवाने की बात कही,जिस पर दोनों अधिकारियों ने नियमानुसार भुगतान करने की बात कही जिस पर ठेकेदारों ने राहत की सांस ली।ठेकेदारों ने पुनः चेतावनी दी हैं की तत्काल भुगतान नही होने पर ठेकेदारों को लोनिवि के खिलाफ आंदोलनात्मक कदम उठाने पर मजबूर होना पड़े सकता हैं ।इस मौके पर ठेकेदार हरेंद्र कोटेड़ी, यशपाल सिंह नेगी, राकेश जोशी, अब्बल पिमोली, देवेंद्र नेगी, भास्कर पांडे, राकेश भारद्वाज,कलम सिंह बिष्ट मोहन सिंह, भगवती पांडे,विपिन सिंह, सुरेंद्र सिंह, आदि ठेकेदार मौजूद थे। पिछले 6 माह से सड़कों को खोलने के लिए लगें अधिकांश ठेकेदार सीधे रूप से सत्ता से जुड़े हुए हैं, बावजूद इसके लोनिवि के विभागीय अधिकारियों की खींचतान के चलते उनको ही भुगतना नही हो पाना चर्चा का विषय बना हुआ हैं, चर्चा की जा रही हैं कि जब भाजपा से जुड़े ठेकेदारों का, डीविजन में धनराशि मौजूद होने के बाद भी भुगतान नही हो पा रहा है तो आम जनता के क्या हालत होंगे।












