हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। विधानसभा क्षेत्र थराली को जिला बनाएं जाने की मांग को लेकर ब्लॉक सभागार थराली में विधानसभा थराली बौद्धिक जागरण विकास मंच के बैनर तले एक बैठक का आयोजन किया गया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल जुलुस की शक्ल में तहसील कार्यालय पहुंचा जहां पर उन्होंने उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से थराली को जिला बनाएं जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा गया। ब्लाक सभागार थराली में मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रमुख बख्ताबर सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नेगी ने कहा कि थराली क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहा है। जिला मुख्यालय से दूरी अधिक होने के कारण यहां के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं,उन्होंने थराली को अलग जिला बनने की मांग की।इस मौके पर मंच के उपाध्यक्ष डीडी उनियाल ने कहा कि 1985 से लगातार थराली को जिला बनाने की मांग क्षेत्रीय जनता के द्वारा उठाईं जाती रही हैं किंतु आज तक जायज मांग पूरी नही हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है।इस मौके पर प्रधान प्रद्युम्न सिंह रावत ने कहा कि दूरस्थ गांवों के लोगों को प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।इस अवसर पर पूर्व जिपंस नंदन सिंह रावत ने कहा कि थराली भौगोलिक रूप से विशाल क्षेत्र है और यहां की समस्याएं अलग प्रकृति की हैं। इस लिए थराली को प्राथमिकता के साथ जिला बनाया जाना चाहिए।इस अवसर पर मोहन लाल आर्य, दिनेश मिश्रा, राधा बल्लभ देवराड़ी, मुन्ना राम, जगदीश प्रसाद भारद्वाज, भूधर नेगी, हीरा सिंह रूपकुंडी, हरेन्द्र रावत आदि ने विचार व्यक्त किए। इसके बाद एक शिष्टमंडल ने उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट से मुलाकात कर उन्हें मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।












