हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट
थराली /देवाल। विकास खंड देवाल के अंतर्गत सैनिक बाहुल्य गांव सवाड़ के अमर शहीद सैनिक मेला को चार-चांद लगाने वाले मेला कमेटी सवाड़ के अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट ने स्वास्थ्य कारणों से अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। पिछले 10 वर्षों के दौरान सवाड़ गांव के ग्रामीणों के सहयोग से गांव के विकास के लिए अपनी अहम भूमिका एवं उपलब्धियां हासिल करने के बाद अचानक बिष्ट के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद ग्रामीणों ने डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं युवा नेता दयाल बिष्ट को सर्वसम्मति से मेला कमेटी का अध्यक्ष पद का दायत्व सौंपते हुए नई कार्यकारिणी का जिम्मा उन्हें सौंप दिया हैं। दरसअल 2016 में सवाड़ के ग्रामीण ने आलम सिंह बिष्ट को शहीद सैनिक मेला कमेटी के अध्यक्ष पद का दायत्व सौंपा था, मेला कमेटी के अध्यक्ष पद का दायत्व मिलने के बाद बिष्ट के नेतृत्व में मेला कमेटी ने कई उपलब्धियां हासिल की इस दौरान जहां शहीद मैमौरियल स्मारक का पुनर्निर्माण किया गया, इसके साथ ही वही सवाड़ गांवों के बीचोंबीच एक भव्य सैनिक संग्रहालय एवं स्मृति केंद्र की स्थापना विशेष उपलब्धियों में सुमार रही पिछले वर्षों शहीद मैमौरियल के पास स्वतंत्रता सेनानी मैमौरियल भी एक उपलब्धि रही, शहीद मेले के उद्घाटन में कई दफा प्रदेश के मुख्यमंत्रियों, केबिनेट मंत्रियों ने शिरकत की तों विपक्षीय पार्टियों नेता को भी शहीदों की स्मृति में आयोजित होने वाले मेले में मंच तक लाने में अध्यक्ष बिष्ट के नेतृत्व में कमेटी ने सफलता हासिल की। एक तरफ से बिष्ट के कार्यकाल में शहीद मेले को चार-चांद लगें हैं। निवर्तमान अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट के नेतृत्व में सवाड़ गांव के ग्रामीण ने जो सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की हैं वह निश्चित ही सवाड़ गांव के ही नही अपितु पूरे देवाल विकास खंड के इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। दरसअल 7 दिसंबर 2017 सैनिक शहीद मेले सवाड़ के मंच से सवाड़ गांव के सैनिक इतिहास को देखते हुए गांव में एक केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग उठाई गई इस दौरान मेले के मंच पर तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मौजूद थे, अचानक केंद्रीय विद्यालय की मांग उठने पर पहले पहल गांव के ही कई ग्रामीणों के साथ ही विकास खंड देवाल, थराली के लोग इस मांग को “मुंगेरी लाल के सपने’ की संज्ञा देने से नही चुकें थें किंतु अध्यक्ष बिष्ट एवं उनकी बेहतरीन टीम ने मुंगेरी लाल के सपनों को हकीकत में बदलने के लिए जिस तरह से प्रयास किए वह उनकी एवं उनकी कमेटी की संघर्ष शीलता को प्रदर्शित करने के लिए काफी है।सवाड़ गांव में केवी खोलने के प्रयासों के तहत पत्रावली तैयार करने के बाद केवी संगठन की मांग पर उन्होंने तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य आशा धपोला एवं अन्य ग्रामीणों के सहयोग से सवाड़ सवाड़ गांव में केवी के संचालक के लिए अस्थाई व्यवस्था के तौर पर टीनशैड़ो के निर्माण के साथ ही अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को जुटाया साथ गांव के उत्साही ग्रामीणों के सहयोग से गांवों के बीच में एक सौ नाली से अधिक नाप भूमि निशुल्क केवी के लिए मुहैया करवाने के लिए ग्रामीणों ने राज्य के शिक्षा विभाग के नाम भूमि रजिस्टर्ड कर दी।इस बीच कमेटी लगातार केवी की स्थापना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित किए रहें। लगातार मांग एवं नेताओं अधिकारियों के संपर्क में रहने के चलते आखिरकार पिछले वर्ष 2025 में केंद्रीय मंत्री मंडल ने सवाड़ में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। अपेक्षा जताईं जा रही हैं कि इस शिक्षा सत्र 2026-27 में सवाड़ से केवी का संचालन शुरू हो जाएगा। अध्यक्ष रहते हुए महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से अपने अध्यक्ष पद से त्यागपत्र गांव की ग्राम प्रधान आशा धपोला को सौंप दिया हैं। शहीद सैनिक मेले कमेटी के अध्यक्ष पद से आलम सिंह बिष्ट के त्यागपत्र देने के बाद सवाड़ की ग्राम प्रधान आशा धपोला ने आपातकालीन बैठक बुलाई जिसमें पहले आलम सिंह से त्यागपत्र वापस लेने का अनुरोध किया गया किन्तु उसके द्वारा स्वास्थ्य को मध्य नजर रखते हुए पद पर आसीन रहने पर स्पष्ट मना कर दिया गया। उनके प्रस्ताव पर तेजतर्रार एवं डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष दयाल बिष्ट को सैनिक मेले कमेटी का अध्यक्ष मनोनीत करते हुए नई कार्यकारिणी के विस्तार की जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी है। साथ ही युवा नेता दयाल बिष्ट से अपेक्षा जताईं कि मेले के विकास के साथ ही ग्राम पंचायत के साथ मिलकर गांवों के विकास के लिए वें हर संभव प्रयास करेंगे। नवनियुक्त अध्यक्ष बिष्ट ने जनभावनाओं पर खरा उतरने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया।











