हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट
थराली। विकास खंड थराली के अंतर्गत सुनला में स्थापित अभ्युदय स्टोन क्रेशर प्रति दिन सरकार पर हजारों रूपए का चूना लगा रहा है, पिछले दो दिनों के दौरान जिस तरह से थराली के उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट के द्वारा डंपरों की चैकिंग की गई और उसमें जो अनियमित सामने आ रही हैं उस से साबित हो रहा हैं, कि संचालक किस तरह से सरकार पर रवनों के माध्यम से चूना लगा रहे हैं।
दरसअल सुनला में स्थापित अभ्युदय स्टोन क्रेशर का स्थापना से लेकर आज तक तमाम तरह के विवादों से घिरा आ रहा है।इस क्रेशर पर समय-समय पर नियम कानूनों को ताक पर रखकर संचालन के आरोप लगाते आ रहें हैं। ताजा विवाद उस समय सामने आया जब बिना पानी के छिड़काव के क्रेशर को चलाने व संचालन के दौरान भारी मात्रा में धूल वातावरण में फैलने की शिकायत पर थराली के उपजिलाधिकारी ने 30 मार्च को अभ्युदय क्रेशर का आकस्मिक निरीक्षण किया तों उन्होंने शिकायत को सही पाते हुए संचालकों को नियम कानूनों के तहत क्रेशर का संचालन करने की कड़ी चेतावनी दी।इसी दौरान इस क्रेशर के बहार ग्वालदम-सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े कोर सेंट से लदे डंफर की जांच की तों पाया कि उसमें जितना टन कोर सेंट लदा हुआ था उससे काफी कम टन का रवना काटा गया था।जिस पर इस डंफर का चालान कर दिया गया।इस गौरख धंधे के बाद 31 मार्च को फिर से एसडीएम ने अभ्युदय स्टोन क्रेशर से आने वाले एक अन्य डंफर की जांच की तों इस डंफर के चालक को 3 टन का कोर सेंट का रवना दिया गया था। जबकि इस डंफर में 5 टन से अधिक कोर सेंट लदा हुआ था, जिस पर इस ट्रक का भी चालान कर दिया गया हैं। बताया जा रहा है कि इस क्रेशर से अधिकांश डंपरों व ट्रालों में अधिक मात्रा में गिट्टी व सेंट लादा जाता हैं जबकि रवना कम का काट जाता हैं।
चालकों व डंफर स्वामियों से पूरे मात्रा की धनराशि वसूली जाती हैं, जो कि संचालकों का शुद्ध लाभ माना जा रहा है,कम टन के रवना काटने से सरकार को शुद्ध राजस्व का नुकसान होता आ रहा हैं। हालांकि कि एसडीएम भट्ट की कठोर कार्रवाई के बाद इस गौरख धंधे में पिछले दो दिनों से कुछ कमी आई हैं, किंतु अभी भी आशंका जताई जा रही हैं कि गऐ बगाहें संचालक रवनों के गौरख धंधे खेल खेलते आ रहें हैं।रवनों के गौरख धंधे को रोकने के लिए खनन विभाग एवं पुलिस प्रशासन को इस क्रेशर के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की आवश्यकता जताई जा रही हैं। बिना धर्म कांटे में तुले ही अभ्युदय स्टोन क्रेशर से गिट्टी व सेंट भेजने का आरोप लगाया जा रहा है डंफर चालकों के अनुसार अधिकांश डंफरों व ट्रालों का बिना वजन किए ही अनुमान के अनुसार रवना काट कर भेज दिया जाता हैं।












