हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। पिंडर घाटी के ऊंचाई पर बसें गांवों एवं पहाड़ियों में सीजन की दूसरी बर्फबारी से पूरे क्षेत्र की रंगत ही बदल कर रह गई हैं। क्षेत्र की लगभग सभी पहाड़ियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है।
इसके अलावा मंगलवार दोपहर से निचले क्षेत्रों में रूककर कर झमाझम बारिश जारी रहने के कारण क्षेत्र में ठंड काफी अधिक बढ़ गई हैं। बर्फबारी एवं बारिश के चलते सभी प्रमुख कस्बों एवं बाजारों में लोगों की आमद काफी कम बनी हुई हैं। बसंत पंचमी 23 जनवरी को पिंडर घाटी के 19 सौ मीटर से अधिक ऊंचाई पर बसे गांवों में जमकर बर्फबारी होने के साथ ही घाटी के क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई।
उसके बाद एक बार फिर से मंगलवार दोपहर से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी एवं निचले क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई जोकि बुधवार समाचार लिखे जाने तक जारी है। अब तक थराली विकास खंड के अंतर्गत बधागढ़, ग्वालदम,तलवाड़ी,मालबज्वाड़,कब्बीनगर रतगांव,रूइसाण, कूनी,पार्था,गेरूड़ के साथ ही देवाल ब्लाक के घेस,हिमनी,बलाण,पिनाऊ,घेस,दिदिना, रामपुर,तोरती, उदेपुर,मानमती, चौड़ ,देवसारी,सवाड़,गुविला,बेराधार,बमोटिया, सहित 19 मीटर की ऊंचाई पर बसे गांवों बर्फ की सफेद चादर से ढ़क गयें हैं अधिक ऊंचाई पर बसे गांवों में 1 से 2 फिट तक बर्फबारी होने के कारण ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। इसके साथ ही निचले क्षेत्रों में पिछले करीब 18 घंटों से बारिश जारी हैं जिससे क्षेत्र में ठंड काफी बढ़ गई हैं। लंबे समय बाद बर्फबारी एवं बारिश होने से भले ही क्षेत्र में ठंड बढ़ गई हों किन्तु किसानों से रवि के बेहतरीन फसल का उत्पादन होने, गर्मियों में पानी का संकट कम होने सहित तमाम अन्य लाभ होने की अपेक्षा में लोगों के चेहरे खिले हुए हैं।











