डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। लालतप्पड़ चौकी क्षेत्र के अंतर्गत माजरी ग्रांट में एक व्यक्ति खुद को श्रम प्रवर्तन अधिकारी, ऋषिकेश बताकर स्थानीय ढाबे में पहुंचा और कर्मचारियों से ढाबा व कर्मचारियों से संबंधित दस्तावेजों की मांग करने लगा। इस दौरान उसने कर्मचारियों से अभद्र भाषा में बातचीत कर डराने-धमकाने का भी प्रयास किया। ढाबा संचालक दीपक कादियान ने बताया कि रवनीत सिंह नामक व्यक्ति बुधवार अपराह्न माजरी ग्रांट स्थित ढाबा-90 पर आया और स्वयं को श्रम प्रवर्तन अधिकारी बताते हुए दस्तावेजों की मांग करने लगा। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी यह व्यक्ति ढाबे पर आ चुका है और डराकर पैसों की मांग कर चुका था। संचालक को संदेह होने पर जब उससे पहचान पत्र मांगा गया तो उसने आईडी कार्ड दिखाने से इनकार कर दिया और बातों को टालने लगा। संदेह गहराने पर जब कर्मचारियों ने सख्ती की तो वह मौके से भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन कर्मचारियों ने उसे वहीं रोक लिया। सूत्रों के अनुसार, उक्त व्यक्ति वर्तमान में किसी अन्य सरकारी विभाग में कार्यरत बताया जा रहा है, बावजूद इसके उसने स्वयं को श्रम अधिकारी बताकर ढाबों व होटलों में दस्तावेजों की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि बाद में कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समुदाय के लोगों ने हस्तक्षेप कर उक्त व्यक्ति को वहां से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ढाबा संचालक ने कहा कि वह इस मामले में शीघ्र ही पुलिस को लिखित शिकायत देंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति इस तरह सरकारी पद का दुरुपयोग कर अवैध वसूली न कर सके। उन्होंने बताया कि पिछले करीब दो महीनों से यह व्यक्ति इसी तरह अन्य ढाबों व होटलों में जाकर कर्मचारियों को डराकर अवैध वसूली कर रहा था। लालतप्पड़ चौकी इंचार्ज विनय मित्तल ने बताया कि अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। “एक व्यक्ति द्वारा स्वयं को श्रम प्रवर्तन अधिकारी बताकर माजरी ग्रांट स्थित ढाबे पर दस्तावेजों की मांग व अवैध वसूली किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम मौके के लिए रवाना हुई, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही वह व्यक्ति वहां से जा चुका था। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।












