डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। न्याय पंचायत रानीपोखरी के ग्राम लिस्ट्राबाद में प्रस्तावित विधि विश्वविद्यालय की भूमि को लेकर चल रहे धरने स्थल पर शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य पहुंचे। इस दौरान ग्राम प्रधान संगठन, जनप्रतिनिधियों एवं परवादून जिला कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने लॉ विश्वविद्यालय के लिए आवंटित भूमि को अन्य कार्यों हेतु उपयोग करने के प्रस्ताव के विरोध में उन्हें ज्ञापन सौंपा।
क्षेत्रवासियों ने मांग की कि वर्ष 2016 में लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए आवंटित भूमि को उसके मूल उद्देश्य के लिए सुरक्षित रखा जाए। भूमि उपयोग परिवर्तन से संबंधित सभी प्रस्तावों और प्रक्रियाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में विधि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए स्पष्ट एवं समयबद्ध कार्ययोजना घोषित की जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता, प्रधान संगठन और जनप्रतिनिधियों से व्यापक चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान की शीघ्र स्थापना की जाए। कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि लॉ विश्वविद्यालय की स्थापना क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ा विषय है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश और डोईवाला क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए विधि विश्वविद्यालय की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। यदि सरकार शिक्षा संस्थानों की भूमि का उद्देश्य बदलने का प्रयास करती है तो यह जनभावनाओं के साथ अन्याय होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि भूमि आवंटन से संबंधित निर्णय वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस और क्षेत्र की जनता व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी। मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य मालती चौहान, नरेंद्र चौहान, ग्राम प्रधान सुधीर रतूड़ी, पूर्व प्रधान सागर मनवाल, मोहित कपरवान, प्रधान अनूप चौहान, अनिल चौहान, बीडीसी सदस्य अरुण रावत, नितिन पंवार, इंदर पाल सिंह चौहान, पंकज यादव, राहुल सैनी, स्वतंत्र बिष्ट आदि उपस्थित रहे।












