डोईवाला। फैमिलियराइजेशन एक्सरसाइज कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सीएसएसआर (ध्वस्त संरचना खोज एवं बचाव) प्रतियोगिता आयोजित की जानी है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य भूकंप, भवन ध्वस्तीकरण एवं संरचनात्मक ढहाव जैसी आपदाओं के दौरान मलबे में फंसे व्यक्तियों की खोज और सुरक्षित रेस्क्यू के लिए बलों की तकनीकी दक्षता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, टीम वर्क तथा आधुनिक रेस्क्यू तकनीकों का मूल्यांकन करना है।
प्रतियोगिता की तैयारियों को लेकर सोमवार को एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय, जौलीग्रांट में एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमों द्वारा संयुक्त अभ्यास किया गया। अभ्यास के दौरान वास्तविक आपदा परिदृश्यों के अनुरूप विभिन्न रेस्क्यू तकनीकों, उपकरणों के उपयोग, खोज प्रक्रिया (सर्च पैटर्न), मेडिकल रिस्पॉन्स तथा आपसी समन्वय का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। फेमेक्स कार्यक्रम आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने और उन्हें और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से विभिन्न बलों के बीच आपसी तालमेल, संसाधनों के कुशल उपयोग तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आकलन किया जाता है। सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने अभ्यास के विभिन्न चरणों का निरीक्षण किया और टीमों की कार्यकुशलता, अनुशासन एवं समन्वय को बारीकी से परखा। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त अभ्यास भविष्य में आयोजित होने वाली सीएसएसआर प्रतियोगिता तथा वास्तविक आपदा परिस्थितियों में प्रभावी, सुरक्षित और त्वरित रेस्क्यू सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। मौके पर सहायक सेनानायक आरएस धपोला, प्रमोद कुमार आदि उपस्थित रहे।












