
डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। डोईवाला नगर चौक, मुख्य बाजार और सबसे व्यस्ततम मिल रोड पर दिन से लेकर देर रात तक ओवरलोड डंपरों और भारी ट्रकों का बेखौफ अवागमन जारी है। निर्माण सामग्री (रेत, बजरी, पत्थर आदि) से भरे ये वाहन न केवल सड़क पर मलबा गिराते चलते हैं, बल्कि राहगीरों और स्थानीय निवासियों की जान को भी प्रत्यक्ष खतरे में डाल रहे हैं। संकरी सड़कों, लगातार बढ़ते अतिक्रमण और भारी यातायात दबाव के बीच इन बड़े वाहनों का तेज रफ्तार में फर्राटा भरना किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। शुगर मिल तिहारी से लेकर डोईवाला चौक और ऋषिकेश रोड तक स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। दिनभर उड़ने वाली धूल, गिरता मलबा और भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही से दोपहिया चालकों, स्कूली बच्चों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तहसील प्रशासन इस मुद्दे पर पूरी तरह आंख मूंदे बैठा है। न ओवरलोडिंग पर रोक की कार्रवाई हो रही है और न ही रोड सेफ्टी को लेकर कोई ठोस रणनीति अपनाई जा रही है। लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन व ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन के पास कई कानूनी अधिकार मौजूद रहे हैं। मालवाहक वाहनों की नियमित चेकिंग, ओवरलोड पाए जाने पर जुर्माना, गाड़ियों की फिटनेस जांच, नगर क्षेत्र में भारी वाहनों पर निश्चित समय में प्रतिबंध आदि कदम तत्काल उठाए जा सकते हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि चाहा जाए तो ओवरलोडिंग पर लगाम लगना संभव है, जिससे आमजन को राहत मिलेगी। फिलहाल प्रशासन की निष्क्रियता और ढिलाई ने सड़क सुरक्षा को मज़ाक बनाकर रख दिया है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी भी बड़े हादसे की जिम्मेदारी प्रशासन से टाली नहीं जा सकेगी।











