रिपोर्ट .सत्यपाल नेगी/रुद्रप्रयाग
रुद्रप्रयाग के तल्लानागपुर क्षेत्र के नारी गाँव में आयोजित पाण्डव नृत्य में पंच देव पाण्डवों ने अस्त्र-शस्त्रों सहित तथा ग्रामीणों ने पतित पावनी मन्दाकिनी नदी में स्नान किया। साथ ही उन्होंने केदार क्षेत्र का दिशा ध्यान कर बाबा केदार के दर्शन किये। पैदल रास्ते में पांडवों ने लोगों को आशीर्वाद और प्रसाद भी दिया।
बीते सोमवार को ग्रामीणों ने हाथी कौथिग का मंचन किया।जिसमें दुर्योधन वद्ध का दृश्यांकन किया गया। जबकि रात्रि को गेंडा वद्ध कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसमें अर्जुन ने नागार्जुन के गेंडे का वद्ध किया।
ग्राम प्रधान दयाल सिंह, बृजमोहन सिंह, रवि मलवाल, विक्रम सिंह, दिक्षराज सिंह, मस्तान सिंह, राजमोहन सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से बताया कि जब श्रृंग ऋषि के श्राप से श्रापित होकर पांडवों को पित्र दोष लगा था। तो इसके निवारण के लिए ऋषियों ने उन्हें युक्ति सुझाई कि जब तक वे गेंडे के मांस का पिंड दान नहीं करेंगेएतब तक पांडवों के पूर्वजों को मुक्ति नहीं मिलेगी। जिसके बाद पांडव गेंडे का वद्ध कर सुबह उसके मांस का पिंडदान करने गंगा स्नान के लिए मंदाकिनी किनारे पहुंचेण्जिसके बाद सभी पांडव पिंड दान कर अपने पित्रों को मोक्ष के धाम प्राप्ति करवाते हैं।
इस यात्रा के दौरान पांडवों ने रास्ते में मिलने वाले सभी ग्रामीणों को आशीष देते हुए अपने गंतव्य के लिय प्रस्थान किया। ग्रामीणों ने बताया कि दो दिसम्बर को पाण्डवों के अस्त्र .शस्त्र विसर्जित होने के साथ ही पाण्डव नृत्य का समापन होगा। इसके अलावा पाण्डव नृत्य के आयोजन से ग्रामीणोंए धियाणियों व प्रवासियों में उत्साह व उमंग का माहौल बना हुआ है। कड़ाके की ठंड में भी श्रद्धालु रात्रि तक पाण्डव नृत्य का आनन्द ले रहे है।











