फोटो-अभिनव विद्यालयों को मर्ज किए जाने के खिलाफ एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजते हुए।
प्रकाश कपरूवाण, जोशीमठ।
6वर्षो से राजीव गाॅधी अभिनव आवासीय विद्यालय की ब्यवस्था सुधारने के लिए संधर्षरत अभिभावको को सरकार ने दिया एक और झटका, अब अभिनव विद्यालयों को अटल उत्कृष्ठ विद्यालयों मे मर्ज करने की तैयारी। गुस्साए अभिभावकों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
नगर व ग्रामीण क्षेत्रों के राजकीय प्राथमिक विद्यालय एक-एक कर बन्द ना हो इसके लिए उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2015 मे उत्तरखांड के दूरस्थ पिछडे क्षेत्रों मे चार अभिनव विद्यालयों की स्थापना की थी, इन विद्यालयों मे प्रवेश का मानक ही यही रखा गया था कि राजकीय प्राथमिक विद्यालयों से कक्षा पाॅचवी उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं ही इस विद्यालय मे प्रवेश ले सकेगे। जिसमे अस्सी प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों व बीस प्रतिशत शहरी क्षेत्रों की प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को लिया जाता है,।
राज्य मे खोले गए चार अभिनव विद्यालयों मे दो कुमायूॅ मंडल व दो गढवाल मंडल मे है, गढवाल मे चमोली जनपद के सीमान्त ब्लाक जोशीमठ, नैनीताल के वेतालघाट, पिथौरागढ के बेरीनाग व पौडी गढवाल के जहरीखाल मे ये विद्यालय खेाले गए। लेकिन अब 6वर्ष बाद इन चारों विद्यालयों को अटल उत्कृष्ठ विद्यालयों मे मर्ज करने की शासन स्तर पर तैयार की जा रही है।
जोशीमठ मे सरकार के इस निर्णय के विरोध मे एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देते हुए कहा गया है कि अभिभावक इस आवासीय विद्यालय मे कक्षा 11 व कक्षा 6 मे प्रवेश की की मांग के साथ छात्रावास, अध्यापकों आदि की ब्यवस्था के लिए निरंन्तर संघर्ष कर रहे है, लेकिन इसके उलट इन विद्यालयों को ही बन्द कर अटल उत्कृष्ठ विद्यालयों मे मर्ज किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन मे कहा गया है कि बीते 6वर्ष से ग्रामीण गरीब अभिभावकों ने छात्रावास की ब्यवस्था नही होने के कारण ऊॅचे किराए पर मकान लेकर किसी तरह अपने पाल्यों को इस उम्मीद के साथ पढाया कि जल्द ही ब्यवस्था सुधरेगी, लेकिन ब्यवस्था तो सुधरी नही, अब इन विद्यालयों को ही मर्ज करने की बात की जा रही है। जो सरासर गलत है।
राजीव गाॅधी अभिनव विद्यालय प्रबंन्धन समिति के अध्यक्ष बख्तावर सिंह रावत के अनुसार जोशीमठ मे जीआईसी परिसर मे 16कमरों का छात्रावास भी बनकर तैयार हो गया है,और दो अन्य भवनों की मरम्मत भी की जा चुकी है, इसके अलावा विगत 6वर्षो मे अन्य ब्यवस्थाओं के लिए भी धनराशि ब्यय की जा चुकी है,ऐसे मे इस विद्यालय केा बंन्द करना किसी भी दशा मे न्याय संगत नही है।
श्री रावत के अनुसार इस वर्ष हाईस्कूल के दूसरे वैच मे अध्ययनरत 29छात्र-छात्राओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की है,और ब्यवस्थाओं केे अभाव के वावजूद दूरस्थ ग्राम पंचायत भेंटा के ग्वांणा गाॅव के छात्र विवेक सिंह ने 89प्रतिशत अंक लेकर अभिनव विद्यालय का नाम रोशन किया है।
ज्ञापन मे कहा गया है कि यदि सरकार अभिनव विद्यालयेां को मर्ज करने के अपने निर्णय को वापस नही लेती है तो पूरे सीमान्त क्षेत्र के अभिभावक सामाजिक संगठनों व जनमानस को लेकर एक बडा जन आंन्दोलन करने को विवश होगे
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दिए गए ज्ञापन पर प्रबंन्धन समिति के अध्यख बख्तावर ंिसह रावत के अलावा शिशुपाल डबराल, हर्षबर्धन सिंह,रेखा देवी, संगीता देवी, किशोर सकलानी, व राजेन्द्र प्रसाद आदि प्रमुख है।











