थराली से हरेंद्र बिष्ट।
विद्यालयों में पठन.पाठन के साथ ही उनमें संस्कारों को भरने एवं लोक संस्कृति को जीवित रखने एवं इसके प्रचार.प्रसार के लिए प्रयास करना चाहिए। यह बात थराली के नवनिर्वाचित विधायक भूपाल राम टम्टा ने सरस्वती शिशु एवं विद्या मंदिर देवाल के वार्षिकोत्सव उत्सव समारोह का उद्घाटन करते हुए कही। उन्होंने नन्हें मुन्ने बच्चों के द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी जमकर सराहना की।

रविवार को ब्लाक मुख्यालय देवाल में आयोजित वार्षिकोत्सव का दीप प्रज्वलित करने के बाद रीबन काटते हुए थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा ने कहा कि छात्रों में ज्ञान के अलावा संस्कार भरने के लिए विद्यालयों को प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरस्वती शिशु मंदिर एवं विद्यामंदिर अब तक इस दायत्व को निभाने में अबतक काफी सफल रहें हैं। विधायक ने सभी को मिलजुल कर क्षेत्र के विकास के लिए आगे बढ़ने की अपील की।
इस मौके पर अतिविशिष्ट अतिथि एवं देवाल के ब्लाक प्रमुख डॉ दर्शन दानू ने कहा कि अनुशासन में रहकर छात्र छात्राओं को अध्ययन के साथ ही अपनी रूचि के अनुरूप अन्य विधियों में भी भाग लेना चाहिए।ताकि वे अपनी रूचि के अनुसार भवष्य में अपना कार्यस्थल चुन सकें। उन्होंने विधायक से देवाल आईटीआई को बचाने का एवं थराली. देवाल. वांण मोटर सड़क को प्राथमिकता के साथ ठीक करने की मांग की। इस अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता सभांग निरीक्षक मुरलीधर चंदोला ने भारतीय संस्कृति को दुनिया की महानतम संस्कृति बताते हुए इसे बचाने के लिए सभी को आगे बढ़ाने की अपील की। इस मौके पर कार्यक्रम अध्यक्ष एवं देवाल के नायब तहसीलदार अर्जुन बिष्ट, विभाग संघचालक राजेन्द्र भंडारी, खंड शिक्षा अधिकारी गोपाल दत्त कुनियाल, सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक मुकेश पाठक, व्यापार संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, एडीओ दिलमणी जोशी, सांसद प्रतिनिधि नरेन्द्र बिष्ट, प्रधान संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र बिष्ट, राजस्व उप निरीक्षक नवल किशोर मिश्रा, गोविंद सोनी, पूर्व क्षेपंस यादव मिश्रा, नलधूरा के प्रधान दिलमणी जोशी, तेजपाल बिष्ट, क्षेपंस रीना गड़िया, विद्यालय के प्रबंधक गणेश जोशी, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, मंजू परिहार आदि मौजूद रहे।
इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य भगवती प्रसाद गोस्वामी ने विद्यालय की गतिविधियों की जानकारी उपस्थित जनसमूह को दी। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के आचार्य सुरेश पयाल ने किया। इस अवसर पर विद्यालयों के छात्र.छात्राओं ने आकृष्क वदना, स्वागत गीतएदेश भक्ति गीत, गढ़वाली, कुमाऊनी, नेपाली, लोक गीतों के साथ ही नृत्य प्रस्तुत किए। इसके अलावा तमाम तरह के संदेश देने वाले नाटकोंएकब्बालियों को प्रस्तुत किए। नन्हे.मुन्नों के द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने जमकर तालियां बटोरी।











