कुलदीप चौहान
मजदूरों का पंजीकरण तो हुआ पर विभाग की लापरवाही से नहीं मिल पाया मजदूरों को श्रम कार्ड।
आपको बता दें कि सरकार की ज्यादातर योजनाएं फाइलों में ही दम तोड़ देती हैं। ऐसे ही यदि बात करें श्रम विभाग के श्रमिक कार्ड की तो पात्र व्यक्तियों को अभी तक कार्ड तक नहीं मिल पाया है। लाभ तो दूर की बात है।
लोगों के द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है। जिसमें 1 हजार से लेकर 2 हजार तक रुपये खर्च करने के बाद भी असली हकदार निराश हैं। लोगों के पंजीकरण करके 5-5 6-6 महिने बीत चुके हैं, लेकिन विभाग की लापरवाही से अभी तक कार्ड नहीं मिल पाया। जब इस संदर्भ में श्रम विभाग के अधिकारी से वार्तालाप की गई तो केंद्र की शाखाएं न खोल पाने का बहाना मारते हुए पल्ला झाड़ते दिखे।
यदि विभाग के पास कार्ड वितरण के लिए एक ही केंद्र है तो, लोगों की सुविधा हेतु जगह जगह जब पंजीकरण के लिए केंद्र खोल सकते हैं तो कार्ड वितरण के लिए भी खोलने चाहिए, ताकि प्रत्येक व्यक्ति जो हकदार है वो योजना का लाभ ले सके।