उत्तराखंड समाचार
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति इस समय आरक्षण में रोस्टर को लेकर केंद्रित होती दिखाई दे रही है। 28 अगस्त 2019 को हुई कैबिनेट ने आरक्षण में रोस्टर की नई व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। लेकिन एससी/एसटी फेडरेशन के दबाव में कैबिनेट मंत्री अशपाल आर्य ने इसे अब प्रतिष्ठा का विषय बना दिया है।
दरअसल आरक्षण में रोस्टर प्रणाली को उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश की तरह ही लागू किया गया है। जिसमें रोस्टर क्रम निर्धारित किया गया है, अनुसूचित जाति को इस रोस्टर में पहले क्रम में रखा गया था। लेकिन केंद्र सरकार और हिमाचल प्रदेश में लागू आरक्षण का रोस्टर इससे बिल्कुल अलग है। यदि किसी विभाग में दो पदों पर भर्ती निकलती है तो पहले प्रचलित रोस्टर के अनुसार पहला पद अनुसूचित जाति को जाएगा और दूसरा पद सामान्य जाति को जाएगा। इस तरह 19 प्रतिशत आरक्षण पाने वाले अनुसूचित जाति को यहां पचास प्रतिशत का प्रतिनिधित्व मिल जाएगा। इस रोस्टर की इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अधिक सटीक रोस्टर प्रणाली को इस बार कैबिनेट ने स्वीकार किया। इस प्रणाली में अंक दिए गए हैं। लेकिन रोस्टर की इस प्रणाली में अनुसूचित जाति छठे स्थान पर खिसक गई है। विरोध यहीं से शुरू हुआ है।
कैबिनेट में नई रोस्टर प्रणाली को स्वीकृति मिलने के बाद उत्तराखंड एससी/एसटी इम्पलाइज फेडरेशन ने एसटी से आने वाले कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री को इससे अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने यशपाल आर्य के नेतृत्व में एक कैबिनेट सब कमेटी गठित कर इसकी रिपोर्ट मांगी। सब कमेटी अपनी रिपोर्ट दे चुकी है। यशपाल आर्य ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए नए रोस्टर पर शासनादेश जारी न करने आ आग्रह किया है।
दूसरी तरफ आरक्षण का समर्थन और खिलाफत करने वाले कर्मचारी संगठन इस मामले में एक दूसरे के सामने खड़े हो गए हैं। सरकार पर दोनों तरफ से दबाव बनाया जा रहा है। एससी-एसटी इम्पलाइज फेडरेशन इसे अनुसूचित जाति के खिलाफ बता रही है तो आरक्षण की खिलाफत करने वाले संगठन केंद्र सरकार तथा हिमाचल प्रदेश द्वारा लागू किए जा रहे रोस्टर प्रणाली को अधिक वैज्ञानिक और न्यायपूर्ण बताते हुए इसे लागू किए रखने का दबाव बना रहे हैं। गैंद सरकार के पाले में है। वह यशपाल आर्य तथा फेडरेशन के दबाव में पहले से लागू रोस्टर प्रणाली को फिर लागू करती है या फिर कैबिनेट द्वारा 28 अगस्त मंजूर किए गए नए रोस्टर पर टिके रहती है। इस मामले में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य इतने दबाव में हैं कि मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में उन्होंने 28 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक को 28/09/2019 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक लिख दिया है।









