
सत्यपाल नेगी/रुद्रप्रयाग
जिलाधिकारी मनुज गोयल ने जिला कार्यालय के सभागार कक्ष में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी विंदुओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
शुक्रवार को जिलाधिकारी गोयल ने जनपद स्तरीय सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए पूर्व में दिए गए निर्देशों की अनुपालन आख्या सहित सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा, उनसे संबंधित मजिस्ट्रीयल जांच, मोटर मार्गों में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के चिन्हिकरण, जनपद के अंतर्गत मोटर मार्गों की सर्वेक्षण आख्या, प्रर्वतन कार्यो, ट्रैफिक अवेयरनेस सेंटर हेतु चयनित भूमि हस्तांतरण आदि की समीक्षा की। तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया।उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारियों को उनसे संबंधित सड़क दुर्घटनाओं की मजिस्ट्रीयल जांच समय से उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि लंबित मजिस्ट्रीयल जांच आख्या एक सप्ताह अंतर्गत उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। वहीं सुरक्षा के दृष्टिगत सड़क निर्माणदायी संस्थाओं को संभावित दुर्घटना क्षेत्रों में साईन बोर्ड, पैरापेट/क्रैश बैरियर लगवाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सड़क निर्माणदायी संस्थाओं द्वारा जानकारी दी गई कि जनपद में अभी 46 सड़कें ऐसी हैं जो परिवहन विभाग से स्वीकृत नहीं हैं। जिसको लेकर जिलाधिकारी ने सड़क निर्माणदायी एजेंसियों को अगले दस दिनों में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
इससे पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मोहित कोठारी ने बैठक से संबंधित सभी सूचनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं व चालानों का जीआईएस मैप भी प्रस्तुत किया। साथ ही सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रकरणों को लेकर अन्य विभागीय अधिकारियों से सहयोग की अपेक्षा की। जिलाधिकारी ने कांट्रेक्टरों को सड़क कटिंग वाले स्थानों में ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए प्रशिक्षित स्टाफ नियुक्त करनेएलगातार मलवा गिरने वाले स्थानों में नियमित सफाई करवाने तथा सड़क सुरक्षा हेतु सड़क के किनारों पर पैरापेटध्क्रैश बैरियर के साथ ही निर्माणदायी संस्थाओं को इनोवेटिव उपायों जैसे टायरों के इस्तेमाल से सुरक्षा के प्रयोग करने आदि को लेकर निर्देशित किया।
बैठक में उपजिलाधिकारी जखोली परमानंद राम, ऊखीमठ जीतेंद्र वर्मा, तहसीलदार रुद्रप्रयाग मंजू राजपूत सहित एनएच, पीएमजीएसवाई, लोनिवि, पुलिस व अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।









