कमल बिष्ट/उत्तराखंड समाचार।
कोटद्वार। भारतीय संविधान दिवस पर विचार गोष्ठी व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन।
“भारत की आत्मा है भारत का संविधान” प्राचार्य प्रोफेसर डॉ० डी.एस. नेगी.
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार गढ़वाल में भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में विचार गोष्ठी व भाषण प्रतियोगिता का आयोजन।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रोफेसर डॉ० डी. ऐस.नेगी के निर्देशन में उपरोक्त कार्यक्रम संविधान की प्रस्तावना नागरिक अधिकारों और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के योगदान पर चर्चा हुई प्राचार्य प्रोफेसर डॉ० डी.एस नेगी ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत का संविधान देश की आत्मा है और कहा कि भारतीय संविधान ने हमें सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक न्याय विचार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ शोषण से मुक्ति का अधिकार प्रदान किया है प्रोफेसर डॉ० नेगी ने बाबा साहब अंबेडकर को विश्व के लिए अनुपम उपहार बताया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ० वर्षा सिंह ने कहा कि संविधान हर नागरिक के अधिकारों का संरक्षक है इसी क्रम में संबोधित करते हुए डॉ० कविता बिष्ट ने नागरिक अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी याद दिलाया। गोष्ठी के समारोहक व संचालक डॉ० सन्त कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और भारतीय संविधान की बदौलत आज हम ऐसे हिंदुस्तान में जी रहे हैं जहाँ ऊँच-नीच छुआ-छूत, जाति – पाँति का भेद करना अमानवीय माना जाता है।
भाषण प्रतियोगिता में छात्र आभास सिंह, आयुषी तिवारी, निरूपा, धरा रावत, ऋतु रावत, श्वेता बिंजवाल, प्रगति, आशीष रावत, ने अपने अपने विचार रखें।
प्रतियोगिता का परिणाम प्राचार्य प्रोफेसर डी .एस. नेगी ने घोषित किया। जिसमें प्रथम स्थान धरा रावत एम. कॉम तृतीय सेमेस्टर, द्वितीय स्थान श्वेता बिजवान एम.ए तृतीय सेमेस्टर, आयुषी तिवारी बी.ए. तृतीय सेमेस्टर रही। भारतीय संविधान के महत्व और उद्देश्यों को समझाने के लिए प्रमुख रूप से प्रोफेसर डॉ० आशा देवी, प्रोफेसर संदीप कुमार, डॉ० सुरेश कुमार, डॉ० प्रमोद कुमार डॉ० राकेश शाह डॉ० प्रियंका भट्ट ने बाबा साहब अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी, और सभी प्रतिभागियों को भारतीय संविधान की शपथ दिलाई गई।











