थराली से हरेंद्र बिष्ट।
पिछले 6 दशकों के बाद भी थराली घाट मोटर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नही होने का सब से बड़ा खामियाजा थराली विकासखंड के अंतिम गांव रूईसाण के अनुसूचित बाहुल्य घिनपानी के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा हैं।अभाज्य उत्तर प्रदेश के बाद पुनः 2010 में थराली-घाट मोटर सड़क के निर्माण शासनादेश जारी होने के बाद भी इस गांव के ग्रामीणों को 3 से 5 किमी पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ रहा हैं। एक तरह से कहा जाए कि 22 किमी थराली-घाट मोटर सड़क की स्वीकृति इस गांव के ग्रामीणों की परेशानी का सबब बन कर रह गया हैं तों गलत नही होगा।

घिनपानी गांव की सामाजिक कार्यकर्ता पार्वती सोनियाल ने बताया कि 1973 मे थराली-घाट मोटर सड़क जिसे घिनपानी होते ही आगे घाट तक जाना था।का निर्माण अलग राज्य उत्तराखंड बनने तक नही हो पाने के बाद उत्तराखंड सरकार ने राज्य योजना से 2010 में पुनः इस सड़क के 22 किमी निर्माण की स्वीकृति जारी की थी। परंतु इस पर भी आज तक निर्माण कार्य शुरू नही हो पाने के कारण घिनपानी के ग्रामीण को यातायात सुविधा पाने के लिए भटकना पड़ रहा हैं।
बताया की में गांव की प्रसूति महिलाओं, बुजुर्गों, रोगियों को सड़क के अभाव का सर्वाधिक खामियाजा भुगतना पड़ रहा हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत लोनिवि थराली से भी सड़क निर्माण के संबंध में आवश्यक जानकारिया मांगी किंतु विभाग इस संबंध में आवश्यक जानकारियां भी नही दें पा रहा हैं। उन्होंने थराली-घाट मोटर सड़क के निर्माण कार्य शुरू होने तक घिनपानी तक अतरिक्त सड़क के निर्माण की सरकार से मांग की हैं।











