
सत्यपाल नेगी/रुद्रप्रयाग
जनपद रुद्रप्रयाग में वोटिंग से एक दिन पहले यूकेडी प्रत्याशी मोहित डिमरी पर रात्रि 9.30 से 10 बजे के लगभग अज्ञात लोगों द्वारा हमला किया गया था। इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए विधायक भरत सिंह चौधरी द्वारा पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग को लिखित शिकायत देकर घटना की उच्च स्तरीय जाँच व दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की माँग की गई, ताकि कोई भी शांत पहाड़ी जिलों में ऐसा साहस ना कर सके। इस सम्बंध में विधायक द्वारा राज्य के डीजीपी व गृह सचिव को भी मेल की गई।
आपको बता दे कि यूकेडी प्रत्याशी पर हमले के बाद ऐसा ही पूर्व कैबिनेट मंत्री व निर्दलीय प्रत्यासी मातबर सिंह कण्डारी द्वारा भी अपने पर कुछ शराबियों द्वारा गाली गलौज, धक्का मुक्की का वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाला गया था। जिसमें कहा गया था कि इस हमले के लिए काँग्रेस प्रत्यासी प्रदीप थपलियाल के समर्थकों को सार्वजनिक रूप से दोषी माना था।
लेकिन हैरत की बात है कि न पूर्व मंत्री ने अपनी कही बात के प्रमाण जनता के सम्मुख रखे और न ही कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा अपने ऊपर लगे आरोप के सम्बंध में जनता से कुछ कहा। इसलिये घटना की उच्च स्तरीय जाँच अति आवश्यक है।
पूर्व मंत्री मातबर कंडारी के बयान के आधार पर कांग्रेस पार्टी द्वारा भी अवश्य ही न्यायिक जाँच की माँग की जानी चाहिये।
गौरतल बात यह है कि नगर की हर बात के लिए सचेत रहने वाला जनअधिकार मंच भी खामोश है जो कि विचारणीय है। क्योंकि मोहित डिमरी जनअधिकार मंच के अध्यक्ष भी हैं। यूकेडी प्रत्याशी पत्रकारिता से भी जुड़े हुए हैं, इसलिये लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का भी नैतिक व सामाजिक दायित्व है कि लोकतंत्र के हमलावरों को सजा मिले। अब देखना होगा कि निर्वाचन आयोग व पुलिस कितनी जल्दी मामले की सच्चाई व दोषियों को पकड़ती है।









