थराली से हरेंद्र बिष्ट।
थराली विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ गांवों एवं संचार सेवा से वंचित घेस व हिमानी गांव में पिछले 3-4 माह से जिओ कंपनी के द्वारा तेजी के साथ बनाए जा रहे मोबाइल टावर का निर्माण कार्य राज्य के विधानसभा चुनावों के मतदान संपन्न होने के बाद ही अचानक से ठप हो गया है। जिससे क्षेत्रीय जनता में जिओ कंपनी के साथ ही सरकार के खिलाफ रोष पनपने लगा। चुनाव पूर्व तेज गति से किए जा रहे निर्माण कार्य को अब जनता चुनावी सगूफा मानने लगी है।
उत्तराखंड राज्य के दूरस्थ क्षेत्र में सुमार घेस घाटी को संचार सुविधा से जोड़ने के लिए सरकार के द्वारा जिओ कंपनी को घेस एवं हिमनी गांव में मोबाइल टावर लगाने की इजाजत दी थी। जिसके बाद चार माह पूर्व कंपनी ने घेस गांव एवं तीन माह पूर्व हिमानी गांव में मोबाइल टावरों का तेज गति से निर्माण काम शुरू हो गया था। जोकि राज्य में मतदान होने से पूर्व तक उन परिस्थितियों में जबकि इस क्षेत्र में भारी बर्फबारी होती रही, बावजूद इसके काम की गति काफी तेज रही, परंतु मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही काम की गति धीमी पड़ने के साथ ही मतदान तक दोनों टावरों का निर्माण कार्य इन दिनों पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है।
अचानक से निर्णय कार्य रूक जाने पर हिमनी के नव युवक मंगल दल के अध्यक्ष सोबन सिंह दानू, घेस के उप प्रधान धन सिंह बिष्ट, पुष्कर सिंह बिष्ट आदि का कहना हैं कि विधानसभा चुनाव की मतदान की तिथि के नजदीक आने एवं मतदान तक पूरी तरह से निर्णय कार्य ठप हो गया है। आज भी दोनों ही टावरों का निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। उन्होंने अंदेशा जताते हुए कहा कि दोनों टावरों का निर्माण कार्य हो ना हो चुनावी शिगूफा हो सकता है। जिस तरह से विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद कार्य रूका हुआ है। उससे इन दिनों टावरों से जल्द संचार सेवा शुरू होने की संभावना क्षीण होती, जा रही है। जिससे पिछले लंबे समय से संचार सुविधा के बुरी तरह से छटपटा रही घेस घाटी के ग्रामीण में निराश घिरती जा रही है।









