देहरादून। सामान्य तौर पर एवं शासन में प्रचलित शासनादेशों के अनुसार किसी भी अधिकारी-कर्मचारी की एक स्थान पर तीन साल से अधिक तैनानी नहीं हो सकती है। तीन की तैनाती के बाद स्थानांतरण किया जाना आवश्यक होता है। लेकिन मुख्य सचिव के अनुसार राज्य में कई ऐसे जिम्मेदार अधिकारी हैं, जिनकी सालों से एक ही स्थान पर तैनाती है। मुख्य सचिव ने निर्वाचन आयोग के आदेश के मद्देनजर ऐसे अधिकारियों के तुरंत स्थानांतरण के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव एसएस संधु ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों तथा सचिवों को लिखा है कि आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग के आदेश दिए हैं कि जिन अधिकारियों की एक स्थान पर तैनाती को तीन साल से अधिक हो चुके हैं। उन्हें तुरंत स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने 36 ऐसे अधिकारियों की सूची भी पत्र के साथ संलग्न की है, जो एक स्थान पर तीन साल से अधिक समय से तैनात हैं। सूची के अनुसार कई अधिकारी तो पांच साल से भी अधिक एक ही स्थान पर तैनात हैं, विभागीय अधिकारियों की नियम कायदे मानने की कोई चिंता नहीं है।

सबसे बुरे हाल ग्राम्य विकास विभाग के हैं। अधिकारी नियमों के विरुद्ध इतने सालों से एक ही स्थान पर क्यों तैनात हैं, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है। वरिष्ठ अभियंता स्वान रुद्रप्रयाग 2011 से एक ही स्थान पर तैनात हैं तो उप परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण अल्मोड़ा 2014 से एक ही स्थान पर तैनात हैं। ऐसे अधिकारियों को तुरंत स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

चूंकि चुनाव आयोग के निदेर्शों का अनुपालन न करने पर दंडात्मक कार्यवाही की जा सकती है, देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी चुनाव आयोग के निर्देशों के क्रम में गहरी नींद से उठते हैं कि नहीं।












