प्रदीप कुकरेती
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन में करनपुर गोली काण्ड के ’शहीद राजेश रावत’ व जोगीवाला गोली काण्ड के ’शहीद दीपक वालिया’ को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
प्रातः 11.30 बजे रायपुर रोड रिस्पना पुल स्थित शहीद राजेश रावत स्मारक पर पहुंचकर श्रद्धांजलि सभा आयोजित क़ी गई। 02.अक्टूबर को मुजफ्फरनगर गोली काण्ड क़ी दर्दनाक घटना के अगले दिन देहरादून में राज्य आन्दोलनकारियों में उबाल आ गया और उत्तर प्रदेश सरकार मुर्दाबाद उत्तर प्रदेश पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए जगह जगह से सड़कों पर निकलने लगे। इसी के तहत जहाँ डी ए वी महाविद्यालय क़ी ओर से करनपुर पर छात्रों व राज्य आंदोलनकारियों का हुजूम निकल पड़ा। काफी संख्या में राज्य आन्दोलनकारियों ने नारे लगाते हुए आगे बढ़ने लगे। तभी किसी ने पीछे से एक पत्थर फेका और तत्कलीन समाजवादी पार्टी के नेता के आवास पर भीड़ टूटने लगी तभी अचानक भीड़ में कुछ छात्रों को छर्रे लगे। राजेश गोली का शिकार हो गया और शहीद हो गया।
वहीं दूसरी ओर जोगीवाला चौक में भी भीड़ नारे लगाते हुए सड़को आई तो पुलिस ने लाठी चार्ज किया जब भीड़ काबू नही हुई तो गोली चला दी जिसमे बद्रीपुर जोगीवाल का दीपक वालिया शहीद हो गया। इन दोनों घटनाओ से देहरादून से लेकर पहाड़ों पर राज्य आन्दोलन की आग में घी डालने का काम किया।
आज करनपुर गोली काण्ड’ के शहीद ’राजेश रावत’ एवं ’जोगीवाला गोलीकाण्ड’ के शहीद ’दीपक वालिया’ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य आन्दोलनकारियों ने सभी शहीदों के परिवार को न्याय दिलाने क़ी मांग क़ी राज्य आंदोलनकारी लालचन्द शर्मा व वीरेन्द्र पोखरियाल के साथ ही प्रदीप कुकरेती ने न्याय व्यवस्था और सरकारों क़ी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएं कि आखिर 27.वर्षो से न्याय क्यों नहीं मिला।
रामलाल खंडूड़ी व जितेंद्र रावत मोनी ने कहा कि राजेश रावत व दीपक वालिया क़ी शहादत व्यर्थ नही जायेगी हमें मिलकर इस राज्य के चौमुखी विकास के लिए कार्य करना है।
शहीद राजेश रावत क़ी माँ आनन्दी रावत ने कहा कि मेरी आंखें पथरा गई हैं कि हमें न्याय कब मिलेगा। आज 27.वर्ष बाद भी हाथ खाली और बड़े बड़े नेता व पहुंच वालों को कैसे जल्द न्याय मिल जाता है।
आज श्रद्धांजलि सभा में शहीद राजेश रावत क़ी माँ आनन्दी रावत, हरेन्दर रावत, लालचंद शर्मा, प्रदीप कुकरेती, रामलाल खंडूड़ी, वीरेन्द्र पोखरियाल, पूरण सिंह लिंगवाल, जितेन्द्र रावत मोनी, दिनेश रावत, मोहन खत्री, सतेन्द्र नोगाई, बीर सिंह रावत, चन्द्र किरण राणा, सुमन भण्डारी, सुमित थापा बन्टी, संजय थापा, रामेश्वरी कण्डवाल, ममता रावत, रजनी कण्डवाल, सरोज रावत, बिन्दु कण्डवाल, शकुन्तला रावत आदि मौजूद रहे।











