• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

भू-पर्यटन और जैव विविधता तथा लोक धरोहरों के संरक्षण पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार  शुरू

02/12/22
in अल्मोड़ा, उत्तराखंड
Reading Time: 1min read
157
SHARES
196
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
अल्मोड़ा से शिवेंद्र गोस्वामी की रिपोर्ट
अल्मोड़ा। जीबी पंत पर्यावरण संस्थान कोसी और राम लाल आंनद यूनिर्वसिटी के संयुक्त तत्वावधान में नगर से लगे सुंदर पुर के एक निजी होटल सभागार में पहाड़ में भू-पर्यटन की अपार संभावनायें विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार शुरु हो गया है। जिसमें देश से आए वैज्ञानिकों और छात्रों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। दो दिनों तक चलने वाले इस भू-पर्यटन सेमीनार में पहाड़ में संभावनायें और टूरिज्म पर चर्चा की जा रही हैं।
सतत भू-पर्यटन और जैव विविधता तथा लोक धरोहरों के संरक्षण पर केंद्रित अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार यहां कसारदेवी अल्मोड़ा में शुरू हो गया है। दो दिवसीय इस सम्मेलन का आयोजन रामलाल आनंद कालेज दिल्ली द्वारा किया जा रहा है। भारत सरकार पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन के तहत रामलाल कालेज द्वारा इस क्षेत्र में एक अनुसंधान परियोजना संचालित की जा रही है जिसमे भू-पर्यटन की नई थीम पर मुख्य रूप से कार्य किया जा रहा है। परियोजना संचालकों का प्रयास है कि इस क्षेत्र को भू-पर्यटन के क्षेत्र में नवीन पहचान दिलाई जाए साथ ही यहां की पुरातन धरोहरों का संरक्षण कर यहा नवीन पर्यटन व आजीविका के विकल्प देकर हिमालयी गांवों के पलायन के उपाय सुझाए जाएं। परियोजना प्रमुख प्रो० सीना गुप्ता ने बताया कि वन्य जीवों की समस्या को देखते हुए इस क्षेत्र में सोलर फेंसिंग सरक्षित खेती ग्रामीणों को खूब भा रही है, साथ ही स्थानीय स्तर पर गांवों में पुरातन भवनों को होम स्टे के रूप में विकसित किया जा रहा है।
ऐतिहासिक और भू- ज्ञान की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों को चिन्हित कर भू-पर्यटन व शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में यूनेस्को चार्टर के अनुरूप परियोजना क्षेत्र को भू-पार्क के रूप में पहचान दिलाने का प्रयास है। इस अवसर पर उत्तराखण्ड सेवा निधि के पदमश्री डॉ ललित पाण्डे ने नव शोधार्थियों से समाज में रहकर सघन और मौलिक शोध करने का आहवाहन किया और कहा कि हिमालय और यहां के गांवों की खूबसूरती को ही महिलामण्डित न कर यथार्थ विषयों पर अनुसंधान करने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन नोटल अधिकारी इ० किरीट कुमार ने बताया कि मिशन के तहत विभिन्न हिमालयी राज्यों में सतत पर्यटन के विभिन्न मॉडलों पर कार्य किया जा रहा है।
हमे हिमालयी राज्यों में सतत पर्यटन के व्यवहारिक प्रारूपों पर कार्य करते हुए यहां के पर्यटक स्थलों की धारण क्षमताओं का भी ठोस मूल्यांकन करना होगा। उन्होंने पर्यटन नीति के लिए सुझाव देते हुए कहा कि हमें पर्यावरणीय, ग्रामीण तंत्र आधारित और आपदा जोखिम रहित मॉडलों पर कार्य करने की आवश्यकता है साथ ही पर्यटकों की आवाजाही का प्रबंधन, वृहद जागरुकता, अच्छे प्रारूपों का प्रसार समुदाय आधारित उपक्रमों व उद्यमों को प्रोत्साहित कर पयर्टन अनुकूलित नियमों व व्यवस्थाओं को स्थापित करना होगा। उन्होंने अनेक हिमालयी राज्यों में नगरीय जनसंख्या की तीव्र वृद्धि पर भी चर्चा की और कहा कि जनसंख्या व संसाधनों के समांग वितरण से ही इसे व्यवस्थित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंतत लोक हितों के साथ ही हम किसी कार्य को आगे बढ़ा सकते हैं। इस अवसर पर यूनेस्को प्रतिनिधि बैनो बोइर ब्राजील साओ विश्वविद्यालय से डॉ ग्लोरिया गार्सिया, दिल्ली विश्वविद्यालय से प्रो० एन ० सी पत, डॉ विमल सिंह, हिमालयन आर्क से मिस मालिका विद, पंजाब विश्वविद्यालय से डॉ गुरमीत कौर, जॉगर्फीकल सर्वे ऑफ इण्डिया से पूर्व डीडीजी डॉ एस० सी० त्रिपाठी, मैग्लुर विश्वविद्यालय से डॉ आ शंकर अल्मोड़ा मैग्नेसाइट से प्रबंध निदेशक योगेश शर्मा, आईएसईआर भोपाल से प्रो० एस० के ० टण्डन, डॉ प्रभास के पाण्डे, प्रो० राकेश कुमार गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी अल्मोड़ा, अंशुल सिंह सहित अनेक प्रमुख जनों ने मूविज्ञान के आधुनिक महत्व भारत के भूगोल की विशेषताओं और चुनौतियों के साथ संभावनाओं पर अपने विचार रखे।
ReplyForward
Share63SendTweet39
Previous Post

दिल्ली नगर निगम चुनाव में भाजपा मयूर विहार जिला अध्यक्ष विनोद बछेती की बड़ी भूमिका

Next Post

भैंसियाछाना में बारातियों की अल्टो कार खाई में गिरी, चार की मौत, तीन घायल

Related Posts

उत्तराखंड

नई मतदाता सूची ने दिखाई 2006 के परिसीमन को उसकी औकात

October 22, 2026
28
उत्तराखंड

पं. नैन सिंह रावत, जिन्होंने पैदल चलकर तिब्बत का नक्शा बनाया

October 21, 2026
9
उत्तराखंड

अमेरिका से लौटे डॉ योगी प्रकृति की गोद में पहुंचे

October 21, 2026
7
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित

October 21, 2026
6
उत्तराखंड

शिविर में बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों की जानकारी दी गई

October 21, 2026
31
उत्तराखंड

विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में पृथ्वीकुल जापानी स्कूल के सहयोग से आयोजित एक सप्ताह का विशेष सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम

October 20, 2026
22

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67757 shares
    Share 27103 Tweet 16939
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45794 shares
    Share 18318 Tweet 11449
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38082 shares
    Share 15233 Tweet 9521
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37460 shares
    Share 14984 Tweet 9365
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37384 shares
    Share 14954 Tweet 9346

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

नई मतदाता सूची ने दिखाई 2006 के परिसीमन को उसकी औकात

October 22, 2026

पं. नैन सिंह रावत, जिन्होंने पैदल चलकर तिब्बत का नक्शा बनाया

October 21, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.