देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल के प्रथम अध्यक्ष, महान वैज्ञानिक स्वo डॉ देवी दत्त पंत ( डीo डीo पंत) जी की 104 वीं जयंती पर पार्टी कार्यालय 10 कचहरी रोड़ देहरादून में विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए उनको याद किया। इस अवसर पर दल के केंद्रीय अध्यक्ष श्री काशी सिंह ऐरी जी ने उनके जीवन एवं उन पुराने संस्मरणों को याद करते हुए कहा कि वह एक साधारण परिवार के रहे हैं।
फिजिक्स से स्नातक बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी से किया, ख्याति प्राप्त फिजिक्स के विभागध्यक्ष प्रोफेसर आंसुकी के दिशा निर्देश में पी एच डी करी उनकी खोज आज पंत रेज के नाम से विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती हैं। डॉ देवी दत्त पंत जी ने कुमाऊ यूनिवर्सिटी कि स्थापना की व प्रथम वाइस चांसलर बने। *थिंक ग्लोबली एक्ट लोकली* सिद्धांत होने के कारण हिमालय की गोद से निकला पहला क्षेत्रीय दल उत्तराखंड क्रांति दल की स्थापना की व उनके प्रथम अध्यक्ष बने। डॉ पंत के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इस अवसर पर सुनील ध्यानी, विजय बौड़ाई, ललित बिष्ट, मोहन असवाल, रमेश थलाल, प्रताप कुंवर,देवेश्वर भट्ट,समीर मुंडेपी, अशोक नेगी, पूरण सिंह कठेत, बिजेंद्र रावत,ब्रिज मोहन सजवाण, श्याम सिंह रमोला, मनीष रावत, राजेंद्र प्रधान, राज कुमार शंखधर आदि उपस्थित थे।
सेवा मे,
श्री पुष्कर धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
विषय: कुमांऊँ विश्वविद्यालय का नाम प्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद प्रो. स्व. डी. डी. पंत जी के नाम पर रखने के संबंध मे
महोदय,
जैसा कि विदित है है कि स्व. देवी दत्त पंत जी देश के उच्चकोटि के वैज्ञानिक थे और नोबल पुरुष्कार से सम्मानित श्री सी. वी रमन जी के शिष्य और सहकर्मी थे, जिन्होंने विज्ञानं के क्षेत्र मे कई रिसर्च पेपर प्रकाशित किए और लोगों का मार्गदर्शन किया l स्व. डी. डी पंत जी कुमांऊँ विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति रहे और राज्य मे विज्ञान और उच्च-शिक्षा के क्षेत्र मे उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है l स्व. डी. डी. पंत जी राज्य की धरोहर हैं और उनका इस राज्य के निर्माण मे महत्वपूर्ण योगदान रहा है l
अतः आपसे निवेदन है कि प्रो. डी. डी पंत जी के योगदान को देखते हुए कुमाऊं विश्वविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखा जाए l
जय उत्तराखंड
धन्यवाद
काशी सिंह ऐरी
केंद्रीय अध्यक्ष
उत्तराखंड क्रांति दल











