

फोटो—
01- तपोवन में पीडित परिवारों से बात करती उमा भारती।
02-रैणी मे आपदा पीडितो के साथ भाजपा नेत्री उमा ।
03- तपोवन टनल के समीप त्रासदी की जानकारी लेते पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ।
भाजपा की बरिष्ठ नेत्री व मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती ने आपदा प्रभावित तपोवन व रैणी क्षेत्र का दौरा किया। पीडितों की व्यथा सुनी। ग्रामीणों ने 20 दिनांे से लापता परिजनों की तलाश जल्द से जल्द कराने की मांग की।
भाजपा नेत्री उमा भारती ने शुक्रवार को आपदा प्रभावित तपोवन व रैणी पंहुचकर आपदा के कारणों व उसके बाद की गई कार्यवाही की विस्तार से जानकारी ली। उन्होने रैणी व तपोवन मे पीडित परिवारों से मिलकर उनके दुख-दर्द का साझा किया। और प्रदेश व केन्द्र सरकार के स्तर से हर सभव मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने भाजपा नेत्री से पिछले 20दिनों से लापता परिजनो को यथाशीध्र तलाश कराने का आग्रह किया। रैणी के ग्रामीणों ने कहा कि चिपको आंदोलन की धरती पर बनाए गए ऋषिं गंगा पावर प्रोजेेक्ट भी तबाही का कारण रहा। ग्रामीणो ने विस्थापन की भी मांग की। उन्होने पीडित ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हाॅलाकि इस वक्त वे ना सांसद है ना मंत्री लेकिन पीडितो के दुख दर्द को जहाॅ मुझे कहना होगा तुरन्त जाकर कहूंगी।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान एनडीआरएफ व एनटीपीसी के अधिकारियों ने उन्है आपदा के दिन से किए जा रहे राहत एंव बचाव कार्यो की विस्तृत जानकारी दी। भ्रमण के दौरान जोशीमठ नगर अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह फरकिया, भाजपा नेता राकेश भंडारी, कलम सिंह रावत,ऋषि प्रसाद सती व रंजना शर्मा आदि भी मौजद रहे।
बताते चले कि भाजपा नेत्री उमा भारती पवित्र नदियों पर बन रहे बाॅधों की हमेशा से ही मुखालफत करती रही है। वर्ष 2013 की आपदा से पूर्व उमा भारती धारी देवी को जलमग्न होने से बचाने के लिए निंरन्तर संघर्ष करती रही। केदारनाथ आपदा के बाद तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने लोकसभा मे वक्तब्य देते हुए कहा था कि उत्तराख्ंाड मे विकास वनाम विनाश का खेल चल रहा है, और वहाॅ प्रकृति से छेड-छाड की होड लगी है। पर्यावरण को प्रदूषित करने व नदियों पर बाॅध बनाने की होड लगी है। तब धारी देवी का जिक्र करते हुए उन्होने कहा था कि जिस दिन धारी देवी जलमग्न हुई उसी दिन केदारनाथ म ेजल प्रलय आया जो हजारो लोगो को जिंदगी को ले गया। तब भी उन्होने कहा कि प्रकृति से छेड-छाड होती रहेगी तो प्रकृति एक दिन निश्चित ही क्रोधित होती है और सब कुछ मिटा कर ले जाती है।
ऋषि गंगा मे बीती सात फरवरी को आया जलजला किसी प्रलय से कम नही था। जिसने सैकडो जिंदगियों को लील लिया और सैकडो लोग अभी भी लापता है। लगातार सर्च आपरेशन चल रहा है। और देश के ऊर्जा मंत्री ने भी तपोवन मे त्रासदी के बाद पंहुचकर तपोवन परियोजना का निर्माण हर हाल मे पूरा कराए जाने का आश्वासन दिया था।
सदा नीरा पवित्र नदियों पर बाॅधों के निर्मााण के खिलाफ मुखर रही बरिष्ठ भाजपा नेत्री उमा भारती के भ्रमण व भाजपा की दिंवगत नेत्री सुषमा स्वराज द्वारा केदारनाथ आपदा के बाद लोकसभा मे दिए गए वकत्ब्य के बाद उत्तराख्ंाड मे निमार्णाधीन व प्रस्तावित जल विद्युत परियोजनाओ पर सरकारो का क्या रूख रहेगा यह तो समय ही बताएगा। बहरहाल उमा भारती के सीमावर्ती क्षेत्र के भ्रमण की चर्चाए है।











