
कर्नल डॉ डीपी डिमरी ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर प्रदेश में कौशल विश्वविद्यालय खोलने की योजना की लिखित रूपरेखा पेश की तथा इस संबंध में उनसे विचार विमर्श किया। इसमें पहले से मौजूद आइटीआई व पालिटेक्नीक का हब एवं स्पोक पद्धति से संचालित किया जाएगा।इसके पीछे उत्तराखंड को विश्व कौशल केंद्र बनाने की भविष्यगामी योजना है।
इस योजना में युवाओं, महिलाओं एवं पारंपरिक कारीगरों को प्रदेश, देश व विदेश में रोजगार तथा उद्यमिता के अपार अवसर तथा संभावनाएं प्रस्तुत की गई है।योजना प्रदेश हेतु बड़ी परिवर्तक साबित हो सकती है। आशा है हिमाचल की कृषि क्रांति की तर्ज पर, इस पहल से हमारा उत्तराखंड शीघ्र ही कौशल केंद्र बन जायेगा।
इस अवसर पर डॉ डिमरी ने अपने द्वारा लिखी पुस्तिका उद्यमिता एवम हिमालय के प्रेरणादायक उद्यमी तथा विभिन्न पत्रिकाओं में लिखे लेख, उत्तराखंड निर्माण में पूर्व सैनिकों का योगदान की प्रतियां भी भेंट की।
कर्नल डिमरी कौशल विकास एवं उद्यमिता में भारत सरकार में सलाहकार रह चुके हैं और उत्तराखंड में कई वर्षों से समाज सेवा से जुड़े हैं।











