*कर्मचारी विश्वविद्यालयों के महत्वपूर्ण अंग : प्रो त्रिपाठी*
*उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ का तीसरा द्विवार्षिक सम्मेलन 
संपन्न। नवीन कार्यकारिणी का हुआ गठन : कुमाऊं विश्वविद्यालय के डॉ रौतेला अध्यक्ष, दून विश्वविद्यालय के मेहता महामंत्री*
उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ का तृतीय आदिवासी अधिवेशन उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के गुरुकुल परिसर हरिद्वार स्थित चरक प्रेक्षागृह में संपन्न हुआ। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरुण कुमार त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचारी को विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण अंग मानते हुए, विश्वविद्यालयों की कार्य प्रणाली को बेहतर करने हेतु कार्मिकों को नवीन तकनीकों से प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर विशेष प्रकाश डाला और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को नवोन्मेष हेतु अति आवश्यक बताया।
उत्तराखंड राज्य में स्थित 11 राजकीय विश्वविद्यालय एवं गुरुकुल कांगड़ी सम विद्यालय तथा हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के संयुक्त संगठन उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ का तीसरा द्विवार्षिक सम्मेलन हरिद्वार स्थित आयुर्वेद विश्वविद्यालय के गुरुकुल परिसर में संपन्न हुआ जिसमें वक्ताओं ने विश्वविद्यालय में संस्थागत स्वायत्तता पर महत्वपूर्ण चर्चा की एवं नवीन शिक्षा नीति पर केंद्रित व्यवस्था में संस्थागत स्वायत्तता को महत्वपूर्ण अंग माना। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि गुरुकुल परिसर के निदेशक प्रो गिरिराज गर्ग ने कहा कि विश्वविद्यालय के कार्य संचालन में संस्थागत स्वायत्तता एक महत्वपूर्ण अंग है एवं विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन हेतु इसको यथावत व मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं संगठन के अध्यक्ष भूपाल सिंह करायत ने विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इस हेतु संगठनों को सकारात्मक प्रयास करने और जल्द ही इस हेतु संयुक्त रणनीति बनाए जाने पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन संगठन के महामंत्री प्रशांत मेहता ने किया।
वहीं कार्यक्रम की द्वितीय चरण में अल्मोड़ा विश्वविद्यालय के कर्मचारी संघ के अध्यक्ष देवेंद्र धामी, औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के धन सिंह नेगी, मुक्त विश्वविद्यालय के भारत नैनवाल, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलदीप सिंह, नांदबल्लभ पालीवाल, पंतनगर विश्वविद्यालय के ओमप्रकाश गुप्ता, संस्कृत विश्वविद्यालय के चंदन सिंह रावत, गुरुकुल विश्वविद्यालय के रजनीश भारद्वाज, आयुर्वेद विश्वविद्यालय के खेमानंद भट्ट, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के जोत सिंह भंडारी ने भी संबोध किया।
वही कार्यक्रम के अंतिम चुनाव सत्र में संगठन के चुनाव अधिकारी प्रमोद कुमार ने चुनाव प्रक्रिया का संचालन किया गया और एवं सभी पदों पर निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की जिसमें कुमाऊं विश्वविद्यालय के डॉ लक्ष्मण सिंह रौतेला को अध्यक्ष, मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी के भारत सिंह नैनवाल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों पर वानिकी विश्वविद्यालय भरसार से धन सिंह नेगी, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा से देवेंद्र धामी, कुमाऊं विश्वविद्यालय से विपिन चंद्र व जगमोहन सिंह मेहरा, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय से प्रकाश तिवारी, संस्कृत विश्वविद्यालय से चंदन सिंह रावत, महामंत्री पद पर दून विश्वविद्यालय से प्रशांत मेहता, संयुक्त मंत्री पद पर कुमाऊं विश्वविद्यालय से नवल किशोर बिनवाल, गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय से रजनीश भारद्वाज और पंतनगर विश्वविद्यालय से ओमप्रकाश गुप्ता तथा संगठन मंत्री पद पर श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से जोत सिंह भंडारी व अंशुमान पंत, प्रांतीय प्रवक्ता पद पर आयुर्वेद विश्वविद्यालय के समीर पांडे, कोषाध्यक्ष पद पर सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के देवेंद्र सिंह पोखरिया, सह कोषाध्यक्ष पद पर संस्कृत विश्वविद्यालय के महेंद्र रावत एवं आयुर्वेद विश्वविद्यालय के अनिल नेगी निर्वाचित हुए। वहीं आमसभा द्वारा ध्वनिमत से वरिष्ठ कर्मचारी नेता कुमाऊं विश्वविद्यालय के भूपाल सिंह करायत एवं गढ़वाल विश्वविद्यालय के राजेंद्र सिंह भंडारी को मुख्य संरक्षक का दायित्व दिया और वहीं कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलदीप सिंह को संरक्षक पद का दायित्व दिया गया अंत में चुनाव अधिकारी द्वारा समस्त निर्वाचित पदाधिकारीयों को सत्यनिष्ठा और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।












