
थराली से हरेंद्र बिष्ट।
इस विकासखंड के वन पंचायतों के वन सरपंचों की बैठक में वन पंचायतों के सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों एवं निर्माण कार्यों के लिए वन पंचायतों को कार्यदाई संस्था बनाने सहित कई प्रस्ताव पारित किए गए।
थराली के ब्लॉक सभागार में वन सरपंच संघ के ब्लाक अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा गया कि वन पंचायत की सीमा के अंतर्गत पूरे राज्य में तमाम विकास एवं निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। किंतु इस में कार्यदाई संस्थाए अन्य विभागों को बनाया जा रहा हैं। जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कमी आने के साथ ही अनावश्यक विवाद हो रहें हैं। सरपंचों ने वन पंचायत सीमांतर्गत होने वाले कार्यों के लिए वन पंचायत को ही कार्यदाई संस्था बनाऐ जाने की सरकार से मांग की। इसके अलावा वन पंचायत सरपंचों को वन पंचायत के कार्यों के लिए आने जाने पर यात्रा भत्ता दिए जानेए राज्य के सभी वन पंचायतों को जायका योजना से जोड़ जानेएवन पंचायतों के माइक्रोप्लान में परामर्शदायी समिति की रायशुमारी आवश्यक रुप से लिए जानेएवन पंचायतों की सिविल भूमि को भूमिहीन स्थानीय ग्रामीणों को दिए जानेए किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए वन पंचायतों को कृषि भूमि की घेरबाढ़ का जिम्मा सौपते हुए इसके लिए प्रर्याप्त धनराशि की व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई गई।
इस मौके पर मध्य पिण्डर रेंज थराली के वनक्षेत्राधिकारी त्रिलोक सिंह बिष्ट ने सरपंचों को सरकार के द्वारा वन पंचायतों को मजबूत करने के लिए चलाई जा रही तमाम योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाया जाना चाहिए।इस मौके पर संगठन के ब्लाक अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत ने संगठन को मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। बैठक में संगठन के सचिव महिपाल सिंह ए वन विभाग के खिमानन्द खंडूरीए बलवंत सिंह ए सुरेंद्र सिंहए रामसिंह रावतए लष्मी देवी ए बलवीर सिंह ए पूजा देवी ए बलवंत पिमोली आदि लोगों ने विचार व्यक्त किए।










