डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
चंपावत जिले के बाराकोट क्षेत्र के मूल निवासी अनुज पंत ने देश की प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षा में जिले का नाम रोशन करते हुए 69वी रैंक हासिल की है. अनुज ने इससे पहले भी यूपीएससी परीक्षा को क्रैक कर 345वी रैंक हासिल कर थी. तब उनका सिलेक्शन आईपीएस में हुआ था. लेकिन इससे वो संतुष्ट नहीं थे. इसीलिए उन्होंने फिर से यूपीएससी का एग्जाम दिया और इस बार उनकी 69वीं रैंक आई.अनुज मूल रूप से चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक के ग्राम पंचायत छुलापे के रहने वाले है. हालांकि लंबे समय से उनका परिवार यूपी से गाजियाबाद में रह रहा है. अनुज की प्रारंभिक शिक्षा भी गाजियाबाद में ही हुई है. फिलहाल अनुज की उपलब्धि से उनके गांव में खुशी का माहौल है.बताया जा रहा है कि यह अनुज पंत की दूसरी बड़ी सफलता है. इससे पहले उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 345वीं रैंक हासिल की थी, जिसके आधार पर उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ था. अब उन्होंने अपनी रैंक में बड़ा सुधार करते हुए ऑल इंडिया 69वीं रैंक प्राप्त कर नई उपलब्धि हासिल की है.अनुज पंत ने अपनी उच्च शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी की डिग्री लेकर पूरी की है. उनके पिता दिनेश चंद्र पंत गाजियाबाद में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि माता नीमा पंत गृहिणी हैं. अनुज की इस सफलता की खबर मिलते ही चम्पावत जनपद सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई. स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने अनुज पंत व उनके परिवार को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी अनुज पंत को बधाई दी. उन्होंने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त करना अत्यंत गौरव की बात है. अनुज पंत का भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है. उनकी इस उपलब्धि से न केवल चंपावत जनपद बल्कि समूचे उत्तराखण्ड का मान बढ़ा है. अनुज ने बताया कि उनकी सफलता का मुख्य आधार सेल्फ स्टडी और अनुशासित दिनचर्या रही। उन्होंने कोचिंग का सहारा लेने के बजाय इंटरनेट पर उपलब्ध अध्ययन सामग्री का उपयोग किया। पढ़ाई के दौरान वे रोजाना करीब आठ से 10 घंटे अध्ययन करते थे और इंटरनेट मीडिया का उपयोग बहुत सीमित रखा, ताकि पढ़ाई में ध्यान केंद्रित रह सके। अनुज ने बताया कि यह सफर आसान नहीं था, लेकिन लगातार मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयासों से लक्ष्य प्राप्त करना संभव हो सका। पढ़ाई के बीच वे थोड़ा समय मनोरंजन के लिए भी निकालते थे। दोस्तों के साथ बातचीत और घूमना उन्हें तनाव से दूर रखने में मदद करता था।अनुज की यह उपलब्धि साबित करती है कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के दम पर देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं। उनकी सफलता से क्षेत्र के छात्रों में यूपीएससी जैसी परीक्षाओं के प्रति उत्साह बढ़ा है। अनुज पंत का भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयन राज्य के युवाओं के लिए वास्तव में प्रेरणादायक है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि ने न केवल चंपावत जिले बल्कि पूरे उत्तराखंड राज्य को गौरवान्वित किया है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अनुज पंत अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और समर्पण के बल पर प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और देश तथा राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए लगातार काम कर रही है ताकि राज्य के प्रतिभाशाली युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर सकें।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.












