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01- श्री बदरीनाथ धाम में हुए ताजे हिमपात का दृश्य
02- औली टावर ने आठ व दस के बीच जमी बर्फ।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। बदरीनाथ धाम व औली मंे हुई जोरदार बर्फबारी। निचले इलाकों तेज बारिश के बाद थोडा ठंड बढी। काश्तकारों के चेहरों की रौनक भी लौटी।
इस बार भी मौसम विभाग का पूर्वानुमान सटीक निकलां। मौसम विभाग ने सात व आठ मार्च को बारिश व बर्फबारी की चेतावनी जारी करने के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों मे बीते रोज से बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया था। बीते रोज रूक-रूक बर्फबारी होती रही, लेकिन रविबार रात्रि व सोमवार को सुबह तक बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, औली, गौरसों बुग्याल, नीती-माणा घाटियांे में जमकर हिमपात हुआ तो निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश।
विश्व विख्यात हिमक्रीडा केन्द्र औली में आठ नंबर टावर से दस नवबंर टावर तथा गौरसों बुग्याल तक जमकर बर्फबारी हुई, लेकिन औली में ही जीएमवीएन कैंपस तक इस बार हुई बर्फबारी नहीं जम सकी। कई दिनों के इंतजार के बाद निचले इलाकांे मंे हुई मूसलाधार बारिश के बाद काश्तकारों की चेहरों की रौनक लौट गई है। खासकर सेव उत्पादक काश्तकार विन बर्फबारी व वारीश के काफी चितिंत होने लगे थे। अब दो दिनो की बर्फबारी व वारीश से काश्तकारों ने भी राहत की साॅस ली।
औली मे दस नंबर टावर के आस-पास ताजे हिमपात के बाद एक बार फिर पर्यटको की आमद बढने की उम्मीद बढने लगी हैं हाॅलाकि इस बार हुई बर्फबारी काफी कम है। बदरीनाथ व हेमकुंड साहिब-लोकपाल मे भी जमकर बर्फबारी हुई है।












