ज्योतिर्मठ।
भू धसाव आपदा प्रभावित मूल निवासी स्वाभिमान संगठन ने सोमवार को उप जिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजने के साथ ट्रीटमेंट कार्यों के शुरू होने से पूर्व सभी समस्याओं का निराकरण करने व स्थरीकरण कार्य से पूर्व सीवर व ड्रेनेज कार्य किए जाने की मांग प्रमुखता से रखी।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि भू धसाव आपदा जनवरी 2023के बाद मूल निवासी स्वाभिमान संगठन ने ट्रीटमेंट सहित अन्य कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने के लिए 13सूत्रीय ज्ञापन दिया था, जिनके अनेक बिंदुओं पर आपदा के तीन साल बाद भी धरातल पर ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी, जिसके कारण नगर के मूल निवासियों मे गहरा असंतोष है।
मूल निवासी स्वाभिमान संगठन ने पुनः जिलाधिकारी को भेजे 11सूत्रीय ज्ञापन मे कहा है कि मूल /पुश्तेनी निवासियों की नाप भूमि सेना, आईटीबीपी, बीआरओ, विष्णुप्रयाग परियोजना, एनटीपीसी, विभिन्न राजकीय विभागों एवं शिक्षण संस्थानों के लिए अधिग्रहित किए जाने के उपरांत बची हुई भूमि के आसपास केसर ए हिन्द भूमि पर दशकों से कृषि व बागवानी कर गुजर बसर कर रहे हैं, यदि ट्रीटमेंट कार्यों के लिए इस प्रकार की भूमि का उपयोग किया जाना है तो काश्तकारों को भूमि के बदले सुरक्षित स्थानों पर भूमि जाने की मांग की गई है।
भू धसाव आपदा के वाद असुरक्षित घोषित की गई भूमि का मुआवजा 40लाख रूपये प्रति नाली दिए जाने, जिन मूल निवासियों के भवन असुरक्षित अथवा क्षतिग्रस्त घोषित किए गए हैं उन्हें सुरक्षित भूमि पर निर्धारित मानकों के अनुरूप भवन निर्माण व मरम्मत की अनुमति दिए जाने, रीवरफ्रंट परियोजना के तहत विष्णु प्रयाग से ऐरा पुल तक भी तटबंद निर्माण की डीपीआर तैयार करने, आपदा मे असुरक्षित हुए उत्तराखंड शैली के पठालयुक्त भवनों, टिनशेड, व गौशालाओं का पूर्ण मुआवजा दिए जाने, प्रधानमंत्री आवास एवं राजीव आवास के मुआवजे का शीघ्र निर्धारण करने, असुरक्षित हुए होम स्टे को आवासीय श्रेणी के अनुसार मुआवजा दिए जाने, व्यवसायिक भवनों का बिना मूल्यह्रास के मुआवजा राशि का भुगतान करने, सुरक्षा कारणों से बंद किए रोप वे को पुनः शुरू करने की मांग की गई है।
इस ज्ञापन मे आपदा के दौरान वैज्ञानिक सर्वेक्षणों की विस्तृत रिपोर्ट मे भार वहन क्षमता कम करने की स्पष्ट आवश्यकता बताई गई थी, इस दिशा मे अब तक की गई कार्यवाही को सार्वजनिक किए जाने, आपदा के तीन वर्ष बाद भी कई प्रभावितों को मुआवजा राशि का भुगतान नहीं हो सका यथा शीघ्र मुआवजा दिए जाने, की मांग की गई है।
ज्ञापन देने व एसडीएम से वार्ता करने वालों मे मूल निवासी स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष भुवन चन्द्र उनियाल, सचिव समीर डिमरी, उपाध्यक्ष प्रकाश नेगी, देवपुजाई समिति के अध्यक्ष अनिल नंबूरी, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अमित सती, पालिका सभासद प्रवेश डिमरी व प्रदीप पंवार, पूर्व सभासद रविंद्र साह, के अलावा महाबीर सिंह बिष्ट व जेपी भट्ट आदि मौजूद रहे।












