थराली से हरेंद्र बिष्ट।
तीरथ सिंह रावत के मंत्री मंडल की टीम में सीमांत चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर एवं चंपावत जिलों के हाथ फिर से खाली होने से इन जिलों के नागरिकों में मायूसी छा गई हैं। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा सीमांत जिलों की लगातार उपेक्षा कर रही हैं।जिसका विपरीत प्रभाव इन सीमांत जिलों के विकास पर पड़ रहा हैं।
2017 में भारी बहुमत से सत्ता में पहुंची भाजपा सरकार में चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत जैसे सीमांत जिलों को मंत्री मंडल में स्थान नही मिल सका। परंतु पिछले तीन.चार दिनों के दौरान घटित राजनीतिक घटनाक्रम के बाद राज्य के मुख्यमंत्री का दायत्व तीरथ सिंह रावत को सौंपने के बाद से ही मंत्रीमंडल में स्थान पाने की आशा इन सभी जिलों के नागरिकों के बीच जाग गई थी। शुक्रवार देर सांय शपथ ग्रहण समारोह शुरू होने से पहले तक सभी को अपने.अपने जिलों को प्रतिनिधित्व मिलने की आशा संजोए हुई थी। चमोली जिले के बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र के विधायक महेंद्र भट्ट का नाम तेजी के साथ सोशल मीडिया में उछला था जो कि शपथ ग्रहण के कुछ घंटों पहले तक उछलता ही रहा किन्तु शपथ ग्रहण के बाद इन जिलों के नागरिकों की आशाओं पर ही ग्रहण लग गया जिसे आम जनता में खाशी मायुसी छा गई हैं।
राज्य की सत्ता में हुए बदलाव के बाद राज्य मंत्री मंडल में सीमांत जिलों को प्रतिनिधित्व नही मिलने पर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री एवं थराली विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक डॉ जीत राम, प्रदेश सचिव उर्मिला बिष्ट, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य प्रीतम सिंह रावत, महावीर बिष्ट, महिला कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आशा धपोला आदि का कहना हैं कि भाजपा ने अपने लगातार घटते जनधार, बड़ती बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार आदि से आम जनता का ध्यान भटकाने के लिए सत्ता के मुख्या को बदल कर इन मुद्दों से बचने का एक असफल प्रयास किया है। बाकी सभी मंत्रियों को यथावत रख कर सीमांत जिलों के साथ जो सौतेला व्यवहार किया है। उससे इन सीमांत जिलों के विकास के प्रति भाजपा की सोच प्रर्दशित हो रही है। कहा कि सीमांत जिलों को मंत्री मंडल में स्थान ना मिल पाने के कारण इस का विपरीत प्रभाव इन जिलों के विकास पर पड़ रहा है। एक तरह से इन जिलों के लोगों अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को इसके इन जिलों में गंभीर प्रभाव भुगतने पड़ेंगे।











