देहरादून। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के गढ़वाल निदेशक मनोज पटवाल ने बताया कि राज्य सहकारी बैंक ने एनपीए हो चुके खातों की रिकवरी के लिए पहली बार एकमुश्त समाधान योजना की शरुवात की है योजना के तहत बकाया ऋण के भुगतान करने पर बकाएदार को ब्याज पर 30ःकी छूट दी जाएगी।
उन्होंने बताया यह योजना 1 जुलाई 2019 से 7 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी इस योजना का लाभ 60 लाख तक के ऋण पर लागू होगी। एकमुश्त समाधान योजना राज्य सहकारी बैंक, समस्त जिला सहकारी बैंक की शाखाओं में प्रभावी होगी। इस योजना के तहत तीन माह में 675 बकाएदार लाभान्वित होंगे और बैंक में लगभग 56.49 करोड़ रु की पूंजी का निवेश होगा और इस योजना से बैंक का एनपीए लगभग 1.5 प्रतिशत आ जायेगा।
उन्होंने बताया योजना के तहत मूलधन जमा कर चुके ऐसे खाताधारक जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनका ब्याज पुरी तरह से माफ किया जाएगा। वही ऐसे खाताधारक जिन्होंने ऋण राशि के बराबर या उससे अधिक ब्याज जमा कर दिया है, उन्हें केवल एकमुश्त बकाया मूलधन जमा करना होगा।
उन्होंने कहा राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत जी के नेतृत्व में सहकारिता विभाग दुगनी गति से और युवा ऊर्जा के साथ कार्य कर रहा है। आज तक बैंकों में बैक डोर से नियुक्तियां होती थी जो कि डॉ रावत ने बंद कर पहली बार बैंक की नई भर्ती देश की सबसे प्रतिष्ठित एजेंसी आईबीपीएस से करवाई।
उन्होंने कहा सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत के नेतृत्व में आने वाले 10 सालों में राज्य सहकारी बैंक उत्तरखंड को देश का सबसे अग्रणी बैंक बनेगा।











