• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

गायब’ बर्फ, बीता, दिसंबर वैज्ञानिक भी मौसमी बदलाव से हैरान

06/01/26
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
8
SHARES
10
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
उत्तराखंड के पहाड़ अब भी बर्फ की सफेद चादर के लिए तरस रहे हैं. विशेष रूप से 2500 मीटर से 3500 मीटर की ऊंचाई वाली चोटियों पर अब तक बर्फबारी नहीं हुई है, जबकि इससे ऊपरी इलाकों में केवल हल्की बर्फबारी ही दर्ज की गई है. हिमालयी क्षेत्रों में इस ‘बर्फ अकाल’ के कारण जलवायु में गंभीर बदलाव नजर आ रहे हैं. पिछले एक महीने की तस्वीरों ने चिंता और बढ़ा दी है, जहां ऊंचे पहाड़ बर्फविहीन और मटमैले दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कड़ाके की ठंड के कारण नदी, झरने और तालाब जम चुके हैं.विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों का तर्क है कि यह स्थिति मौसमी चक्र में आ रहे बड़े बदलाव का संकेत है. न तो समय पर बारिश हो रही है और न ही बर्फबारी, यहां तक कि गर्मियों के आगमन का समय भी अब अनिश्चित हो गया है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण ग्लोबल वार्मिंग और वायुमंडल के बढ़ते तापमान को माना जा रहा है. बढ़ते तापमान की वजह से बर्फ को ग्लेशियरों पर जमने का पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है, और जो बर्फ जमीन पर गिरती भी है, वह ऊष्मा के कारण टिक नहीं पा रही है. यह स्थिति न केवल ग्लेशियरों के स्वास्थ्य के यह हाल सिर्फ केदारनाथ क्षेत्र का नहीं है, बल्कि गंगोत्री यमुनोत्री और बद्रीनाथ धाम क्षेत्र का भी है यहां पर इस समय तक यानी दिसंबर के महीने में बर्फ पड़ जाती थी. लेकिन बर्फ नहीं है और पहाड़ बिना बर्फ के सूखे दिख रहे हैं, क्योंकि चारों धाम जिसमें बद्रीनाथ केदारनाथ और गंगोत्री धाम लगभग 3000 मीटर से ऊपर का क्षेत्र है. वहां बर्फ नहीं दिख रही है. उत्तराखंड के सभी 3000 मीटर से ऊपरी इलाकों में दिसंबर के महीने में दो बार बर्फ जरूर पड़ जाती थी. यह सब जलवायु परिवर्तन और मौसमी चक्र के बदलाव का एक जीता जागता उदाहरण है.दिसंबर का महीना गुजरने को है और नया साल आने के लिए मुश्किल से 5 दिन गए हैं अब यह साल नवंबर और दिसंबर बिना बर्फ के गुजर जाएगा लोगों को उम्मीद है कि नए साल में बर्फ जरूर देखने को मिलेगी. लेकिन बर्फ का पड़ना, बारिश का ना होना. इसका सिर्फ पर्यावरण को नुकसान नहीं है, बल्कि इंसानों के साथ वन संपदा और वन्य जीव वन्य जंतुओं को भी इसका नुकसान आने वाले दिनों में हो सकता है. ऐसा फरवरी 2021 से पूर्व भी देखा गया था तब दिसंबर 2020 एवं जनवरी 2021 मे न्यूनतम बर्फबारी हुई थी और हैंगिग ग्ल्येशियर खिसकने से ऋषि गंगा मे भारी तबाही हुई थी।इस बार तो प्रायः देखा गया कि बर्फबारी को लेकर मौसम विभाग का पूर्वानुमान मे कुछ सटीक नहीं रहा, दिसंबर- जनवरी महीने मे ही अब तक कई बार मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों मे हिमपात का पूर्वानुमान जारी किया, खबर देख सुन पर्यटक पहाड़ों की ओर उमड़े भी लेकिन बर्फ का दीदार न कर पाने से मायूस भी दिखे, हालांकि ट्रैकिंग के शौकीन पर्यटकों ने विभिन्न ट्रैकिंग रुट्स पर पहुंचकर नए साल का जश्न मनाया।
बहरहाल समय पर बर्फबारी नहीं होने से पर्यटन व्यवसाय पर जो असर पड़ा सो पड़ा परन्तु इससे खेती किसानी को भी नुकसान ही हुआ है, सेब के पेड़ो को लगाने का सबसे उपयुक्त समय दिसंबर-जनवरी ही होता है, लेकिन बर्फबारी न होने के कारण काश्तकार यह नहीं कर सके।लेकिन इन सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि कम बर्फबारी का होना और समय समय पर नहीं होना क्या यह एवलांच का खतरा बन सकता है ?. यदि फरवरी 2021की ही बात करें तो उस वर्ष भी बर्फबारी भी बेहद कम हुई थी और ऋषि गंगा के ऊपर हैंगिग ग्ल्येशियर टूटने से रैणी से लेकर तपोवन तक भारी तबाही हुई थी, तब के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2020 मे साढ़े दस हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित औली मे ही 12दिसंबर 2020को मात्र 5सेमी बर्फ गिरी थी और जनवरी 2021मे मात्र 6सेमी बर्फ गिरी थी।” ग्ल्येशियर वैज्ञानिक बताते हैं कि ग्लोवल वार्मिंग के कारण बर्फबारी का सिलसिला सिफ्ट हो रहा है और यह पिछले कई वर्षो से देखा जा रहा है, उन्होंने कहा कि स्थिर ग्ल्येशियर से ज्यादा हैगिंग ग्ल्येशियर खतरनाक होते हैं, ये बेहद सेंसटिव होते हैं, जल्दी बनते हैं और जल्दी खत्म भी होते हैं। देर से बर्फबारी होने पर हैंगिग ग्ल्येशियर के क्रेक होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है “।यूँ तो हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओं मे असंख्य हैंगिग ग्ल्येशियर हो सकते हैं परन्तु पड़ताल उन हैंगिग ग्ल्येशियर की होनी ही चाहिए जिनके तलहटी के आस पास बसागत हो ताकि ऋषि गंगा की तरह किसी हैंगिग ग्ल्येशियर के मूवमेंट पर नुकसान को कम से कम किया जा सके। दरअसल, उत्तराखंड के पहाड़ों और केदारनाथ-बदरीनाथ धाम में अब तक बर्फबारी न होने से चिंता बढ़ गई है. औली में इस वक्त बर्फ की चादरें बिछी होती थीं, मगर इस बार नजारा ऐसा नहीं हैं. नववर्ष पर सैलानी उमड़े हैं लेकिन बर्फ न होने से पर्यटक थोड़े मायूस हैं. स्थानीय कारोबार को भी बर्फ का इंतजार है. बर्फबारी होती है तो टूरिस्ट खींचे चले आते हैं. उधर चंबा में दिसंबर में बारिश और बर्फबारी होती है. मगर इस बार ऐसा नहीं होने से किसान और बागवानी करने वाले चिंतित हैं. पर्यटन कारोबारी भी निराश चल रहे हैं. पहली बार बर्फ गायब हो गयी जिससे लोग अचरज में पड़ गए।है।लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं

Share3SendTweet2
Previous Post

सड़क संपर्क मार्ग की दुर्दशा के कारण पंच बदरी एवं पंच केदारों की भूमि उर्गम घाटी शीतकालीन पर्यटन नहीं चढ़ पा रहा परवान

Next Post

डॉ. हरीश चंद्र अंडोला को उत्कृष्ट लेखन के लिए सोच सस्था ने किया सम्मानित

Related Posts

उत्तराखंड

भाजपा भव्य होली मिलन समारोह में उमड़ा जनसैलाब- विधायक ऋतु खण्डूड़ी भूषण व सांसद अनिल बलूनी ने जनसम्पर्क कर दी रंगों भरी शुभकामनाएं

March 1, 2026
23
उत्तराखंड

समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड के  तत्वावधान में अटल उत्कृष्ट राइका कण्वघाटी में किशोर परामर्श कार्यक्रम का सफल आयोजन

March 1, 2026
6
उत्तराखंड

सीएम धामी ने हल्द्वानी में कानून व्यवस्था व विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की

February 28, 2026
6
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहियाहेड में नवनिर्मित ओपन जिम का किया लोकार्पण

February 28, 2026
11
उत्तराखंड

नई शिक्षा नीति पर आधारित पुस्तकों के बारे में जानकारी दी

February 28, 2026
14
उत्तराखंड

नागरिक शिक्षा केन्द्र के उद्घाटन के साथ बच्चों ने छोटे- छोटे विज्ञान प्रयोग कर मनाया राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

February 28, 2026
15

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67657 shares
    Share 27063 Tweet 16914
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45773 shares
    Share 18309 Tweet 11443
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38046 shares
    Share 15218 Tweet 9512
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37435 shares
    Share 14974 Tweet 9359
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37323 shares
    Share 14929 Tweet 9331

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

भाजपा भव्य होली मिलन समारोह में उमड़ा जनसैलाब- विधायक ऋतु खण्डूड़ी भूषण व सांसद अनिल बलूनी ने जनसम्पर्क कर दी रंगों भरी शुभकामनाएं

March 1, 2026

समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड के  तत्वावधान में अटल उत्कृष्ट राइका कण्वघाटी में किशोर परामर्श कार्यक्रम का सफल आयोजन

March 1, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.