रिपोर्ट- सत्यपाल नेगी/रुद्रप्रयाग
केदारनाथ धाम मे पिछले साल से लगातार देवस्थानम बोर्ड के विरोध मे तीर्थ पुरोहितो का धरना जारी है। आपको बता दे कि राज्य के नवनियुक्त मुख्यमंत्री केदारनाथ मे विकास कार्यो को देखने आ रहे है,,इसी को देखते हुए,तीर्थ पुरोहितो मे भारी गुस्सा देखा जा रहा है।
केदारधाम मे तीर्थ पुरोहितो का आरोप है कि 3 मुख्यमंत्री बदल गये मगर किसी ने भी देवस्थानम बोर्ड की लेकर ठोस निर्णय नही दिया,पिछले दोनो मुख्यमंत्रीयो ने आश्वाशन देकर,हमे गुमराह किया। अब जब तीसरे मुख्यमंत्री बने है तो इन्होंने चुपके से देहरादून मे देवस्थानम बोर्ड के सदस्यो को नियुक्त करके,तीर्थ पुरोहितो के साथ धोखा किया है। इससे साफ हो जाता है कि बीजेपी सरकार,धर्म की आड़ मे पूंजीपतियों को बढ़ावा दे रही है।जबकि स्थानीय हक-हकूक धारी व तीर्थ पुरोहितो के अधिकारों को समाप्त करने पर तुली है।
अब तीर्थ पुरोहित नाराज है,इनका कहना है कि केदारधाम मे मुख्यमंत्री का पुरजोर विरोध होगा,अब लड़ाई आर-पार व हक-हकूक की होगी।
आचार्य संजय तिवारी,व नवीन शुक्ला, तीर्थ पुरोहितो का कहना है कि चारो धामो मे तीर्थ पुरोहित धरने पर बैठे है,उनकी कोई सुध नही ली जा रही। जो भी मुख्यमंत्री बनता है वह सीधे केदारनाथ पर नजर रखता है,क्योकि इन्हें धाम से कोई लेना-देना नही है,,इनको केवल केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जो पुनर्निर्माण के कार्य यहॉ हो रहे है उनकी चिंता है ताकि इनकी व भाजपा की वाह-वाही हो सके। जबकि नये मुख्यमंत्री ने चुपके से देवस्थानम बोर्ड मे चेहते सदस्यो की नियुक्ति कर दी है। हम सभी तीर्थ पुरोहित मुख्यमंत्री का केदारनाथ धाम मे विरोध करेगे।









