हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली।
पिछले कई दिनों से जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय श्रीकोट (नंदकेशरी) के छात्र -छात्राओं को गुलदार के दहशत के कारण वन कर्मियों की देखरेख में विद्यालय आना जाना पड़ रहा
हैं। ग्रामीणों ने दहशत का पर्याय बने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की वन विभाग से मांग की हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले करीब डेढ़ सप्ताह पहले विकासखंड देवाल के अंतर्गत सरकोट गांव में आबादी क्षेत्र के पास कुछ देरी पर गुलदार के दो शावकों के शव पड़ें हुए थें।मृत अवस्था में मिलें सूचना मिलने पर वन विभाग थराली व देवाल रेंज के वन कर्मियों की टीमों ने दोनों शावकों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया था।माना जा रहा है कि गुलदारों के आपसी संघर्ष अथवा किसी अन्य घातक जंगली जानवरों ने शावकों को मारा डाला होगा।वन विभाग ने मृत शावकों का पोस्टमार्टम कर उनका अंतिम संस्कार कर दिया था। जबकि मौत का कारण स्पष्ट नही होने पर पशुपालन विभाग ने उनका बिसरा सुरक्षित कर लिया हैं, बिसरा को जांच के लिए बरेली भेजा जाएंगे।बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही शावकों के मौत का वास्तविक कारण सामने आ सकता हैं। दो शावकों की मौत के बाद सुबह-शाम , दोपहर में गुलदार सरकोट गांव के अलावा आसपास के गांवों में लगातार दस्तक दें रहा है। शावकों की मौत के बाद से ही बेहद अक्रामक हों चुका गुलदार अब तक क्षेत्र में कई कुत्तों, बकरियों को मौत के घाट उतार चुका हैं। और क्षेत्र में लगातार उसकी चहलकदमी देखी जा रही हैं,जिससे सरकोट एवं आसपास के गांवों में गुलदार को लेकर भारी दहशियत बनी हुई हैं।लोग अकेले इधर-उधर जाने से भी कतराने लगे हैं।
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जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय श्रीकोट के प्रधानाध्यापक उमेद सिंह गड़िया ने वन क्षेत्राधिकारी थराली व देवाल को भेजें एक पत्र में कहा हैं कि गत 26 सितंबर को कोठी,चिडिंगा,नंदकेशरी,पूर्णा,काठिंग आदि गांवों के छात्र-छात्राओं ने विद्यालय परिसर के आसपास बाघ को घुमतें देखा और वें घबरा कर वें अपने घरों को भाग खड़े हुए। बाघ के दिनदहाड़े विद्यालय परिसर के आसपास दिखाई देने से छात्र-छात्राएं विद्यालय आने, जाने से कतरा रहे हैं। प्रधानाध्यापक ने वन विभाग से विद्यार्थियों को विद्यालय में सुरक्षित आने, जाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग की हैं।
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वन क्षेत्राधिकारी थराली व देवाल मनोज देवराड़ी ने बताया कि गुलदार के दो शावकों के शव सरकोट गांव में मिलें थें,जिनका पोस्टमार्टम कर नियमानुसार दाह-संस्कार कर दिया हैं।श्रीकोट विद्यालय से छात्र-छात्राओं की सुरक्षा की मांग के बाद छात्रों को सुरक्षित स्कूल एवं घरों तक पहुंचाने के लिए वन कर्मियों को लगाया गया हैं, इसके अलावा वन विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में गश्त लगा रही हैं, और गुलदार को जंगल में दूर खदेड़ने के प्रयासों में जुटी हुई हैं,ताकि गुलदार किसी आदमी एवं पालतू मवेशियों को नुकसान ना पहुंचा सकें।











