थराली से हरेंद्र बिष्ट।
सब कुछ ठीक रहा तों आज पांचवें दिन बाद पिंडर घाटी के नागरिक एक बार फिर से बिजली का दीदार कर सकते सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि बीते गुरुवार की देर रात से पिंडर घाटी में जो मूसलाधार बारिश शुरू हुई थी पूरे चार दिनों के बाद रविवार को थम पाई थी। इसी बारिश के दौरान शुक्रवार की सांस अचानक से ग्वालदम.थराली.कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग के आमसोड़ नामक स्थान के पास एक चट्टान के खिसक जाने के कारण कर्णप्रयाग से नारायणबगड़ को आनेवाली 33 केवी बिजली लाईन के 4 सिंगल पोल एवं एक फोर पोल एवं स्पान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिससे पिंडर घाटी के नारायणबगड़, थराली एवं देवाल विकासखंडों की बिजली गुल हो गई थी, जोकि अबतक सुचारू नही हो पाई है।
इस बीच ऊर्जा निगम नारायणबगड़ के उपखंड अधिकारी अतुल कुमार ने बताया कि बिजली की आपूर्ति सोमवार को ही बहाल कर दी जाती, परंतु सोमवार को जबतक पोल गाड़ कर बिजली के तार खीचे गये एवं सप्लाई शुरू की ही जानी थी कि राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने के दौरान बीआरओ की मशीनों से पत्थर एवं मलबा 33 केवी बिजली लाईन पर जा गिरा, जिससे एक बार फिर से लाईन टूट गई, जिसमें सोमवार को बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। बताया कि इसके अलावा थराली से देवाल जाने वाली 33 केवी लाइन को भी क्षति पहुंची है। उसका भी मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सबकुछ ठीक ठाक रहा तो मंगलवार की दोपहर 11 बजे के आसपास पिंडर घाटी के तीनों विकासखंडों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। अगर आज बिजली आपूर्ति बहाल होती है तो पूरे 5 दिनों के बाद पिंडर घाटी के लोग बिजली का एक बार फिर से दीदार हो सकेंगे।










