• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

फिर गैर हुआ गैरसैंण

07/02/25
in उत्तराखंड, चमोली, देहरादून
Reading Time: 1min read
47
SHARES
59
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र देहरादून में 18 फरवरी से 24 फरवरी के बीच आय़ोजित किया
जाएगा। मुख्यमंत्री का वादा था कि गैरसैंण से सख्त भू कानून प्रदेश को दिया जाएगा, लेकिन गैरसैंण में
निर्माण कार्यों के चलते वहां सत्र नहीं कराया जा रहा है। स्पीकर इसका संकेत पहले ही दे चुकी थी।संसदीय
कार्य मंत्री ने बताया कि विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से 24 फरवरी के बीच देहरादून में
आयोजित किया जाएगा। ये सत्र पेपरलेस होगा। विधानसभा में बजट सत्र को लेकर राज्य सरकार तैयारी में
जुटी हुई है। वित्त विभाग की ओर से लगातार स्टेकहोल्डर्स और जनता से सुझाव लिए जा रहे हैं, ताकि जन
भावनाओं के अनुरूप बजट तैयार किया जा सके। राज्य के विभिन्न वर्गों जैसे व्यापारी, किसान, लघु उद्योग
और शिक्षा आदि क्षेत्र से जुड़े लोगों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि महत्वपूर्ण
सुझावों को उत्तराखंड के बजट में शामिल किया गया है। राज्य के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के विकास की
परिकल्पना को यह बजट साकार करेगा।दरअसल, उत्तराखंड सरकार ने पहले इस बाबत घोषणा की थी कि
आगामी बजट सत्र गैरसैंण में आहूत किया जाएगा, लेकिन हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता कर
राज्य सरकार से अनुरोध किया था कि गैरसैंण में विधानसभा बजट सत्र कराए जाने की तैयारियां मुकम्मल
नहीं हैं, जबकि देहरादून स्थित विधानसभा भवन पूरी तरह से तैयार कर दिया गया है।. लिहाजा देहरादून
विधानसभा भवन में ही बजट सत्र कराया जाए उत्तर प्रदेश के हिमालयी ज़िलों को पृथक राज्य का दर्जा देने
वाली तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री रमाशंकर कौशिक की अध्यक्षता में गठित समिति
ने भी गैरसैंण को राजधानी बनाने की सिफारिश कर दी थी। बाबा मोहन ने इस मांग को लेकर 13 बार
भूख हड़ताल की। अपनी जान गंवाई। अखिरकार फिर भी क्यों गैरसैंण, आज तक राजनीतिक बास्केटबॉल
ही बनी हुई है? यह काम राजधानी बदलने या सत्ता बदलने से नहीं होंगे. क्योंकि प्रतीकों से दशा नहीं
बदलती. ये काम नीतियां बदलने से होंगे. इसलिए गैरसैंण के लिए आंदोलन चलाकर अपनी आग ठंडी कर
रहे लोगों को सोचना चाहिए कि अलग राज्य बनने के बाद उत्तराखंड की जनता ने उन्हें क्यों नकारा? राज्य
के विभिन्न वर्गों जैसे व्यापारी, किसान, लघु उद्योग, शिक्षा आदि क्षेत्र से जुड़े लोगों से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त
किए गए हैं। इनमें से महत्वपूर्ण सुझावों को उत्तराखंड के बजट में शामिल किया गया है। जनहित की
भावनाओं को ध्यान में रखकर प्रदेश को देश का अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल करने की दिशा में बजट
लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर से लगभग 200 से अधिक हित धारकों से सुझाव लिए गए हैं।
ये बजट सत्र राज्य के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के विकास की परिकल्पना को भी साकार करेगा। सियासी
दलों के चुनावी घोषणापत्रों में गैरसैंण भले ही हाशिये पर रहा हो लेकिन आम जनमानस से लेकर
बुद्धिजीवी वर्ग अब भी गैरसैंण को लेकर संजीदा है। पलायन आयोग के उपाध्यक्ष का मानना है कि
उत्तराखंड की राजधानी पहाड़ में ही होनी चाहिए और इसके लिए गैरसैंण से बेहतर और कुछ
नहीं।उत्तराखंड की स्थाई राजधानी पहाड़ में होनी चाहिए और इसके लिए गैरसैंण से बेहतर कुछ नहीं है।
नेगी ने उदाहरण देते हुए कहा कि स्विट्जरलैंड जैसे देश की राजधानी एक पहाड़ी टाउन है। भारत मे
शिमला, गैंगटोक जैसे पहाड़ी क्षेत्र राजधानी रहे हैं। ऐसे में गैरसैंण पर बिना देर किए उत्तराखंड को आगे
बढ़ना चाहिए।निश्चित रूप से पहाड़ों की तकदीर संवरेगी। इस प्रदेश बना ही पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के
लिए है।. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भू-कानून उनके लिए लाया जा रहा है जिन्होंने जमीनों की अंधाधुंध
खरीद-फरोख्त की है। जमीनों का दुरुपयोग किया है, लैंड बैंक बनाया है। जिन्होंने जिस प्रयोजन के लिए
जमीन खरीदी थी, उसके लिए उसका उपयोग नहीं किया।जिन्होंने एमओयू किए हैं, हम उन्हें निवेश के लिए
आमंत्रित कर रहे हैं। निवेश आना भी जरूरी है। रोजगार का सृजन भी होना जरूरी है। हमें विकास की ओर

भी बढ़ना है। सीएम ने कहा कि हमारे यहां जितने भी प्राकृतिक संसाधन है, उनका हमें सदुपयोग करना है,
दोहन नहीं करना है। जन भावनाओं के अनुरूप गैरसैंण को पर्याप्त महत्व न देने को लेकर विपक्ष उत्तराखंड
सरकार को अक्सर ही घेरता रहता है। अब पूर्व घोषणा के अनुसार गैरसैंण में बजट सत्र के आयोजन पर
संशय का कुहासा छाने से विपक्ष एक बार फिर सरकार पर हमलावर ।देखा जाए तो इस बार के बजट सत्र
का राज्य वासियों को बड़ी ही बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि प्रदेश मुख्यमंत्री गैरसैंण में बजट सत्र आयोजित
करने और उस दौरान सशक्त भू कानून लागू करने की घोषणा काफी पहले कर चुके हैं । मगर, अब
विधानसभा अध्यक्ष की ओर से देहरादून में बजट सत्र कराने के अनुरोध के बाद, विपक्ष ने सरकार की
कथनी और करनी के फर्क को रेखांकित करते हुए विधानसभा के बजट सत्र का आयोजन गैरसैंण के स्थान
पर देहरादून में कराए जाने के अनुरोध को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। दरअसल, बजट सत्र के आयोजन संबंधी
औपचारिक ऐलान के ऐन पहले विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि
देहरादून में बजट सत्र आयोजित किया जाए, क्योंकि गैरसैंण में अभी व्यवस्थाएं मुकम्मल नहीं हो पाई
हैं।विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार अगर राज्य सरकार गैरसैंण में ही विधानसभा सत्र आयोजित करने पर
जोर देगी, तो फिर गैरसैंण में ही विधानसभा सत्र आहूत किया जाएगा, लेकिन जो असुविधा आएगी वो
सभी को आएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि वो देहरादून में विधानसभा सत्र आहूत करने का निर्णय
नहीं ले रही हैं, बल्कि वो सरकार से आग्रह कर रही हैं कि गैरसैंण में अभी काम पूरा नहीं हुआ है, जबकि
देहरादून में काम पूरा हो गया है। ऐसे में देहरादून में विधानसभा सत्र आहूत किया जाए।उधर संसदीय
कार्यमंत्री का कथन है कि मुख्यमंत्री ने इस बात को कहा था कि आगामी बजट सत्र गैरसैंण में करेंगे। हाल ही
में जो मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी उसमें भी बजट सत्र के स्थान को लेकर चर्चा की गई थी और बजट सत्र के
स्थान और तिथि का निर्धारण करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया था।संसदीय कार्य मंत्री ने
आगे कहा कि बीच में यह सूचना मिली थी कि गैरसैंण में अभी काम चल रहा है, जिसके चलते विधायकों
और अधिकारियों को वहां पर दिक्कत हो सकती है। बावजूद इसके विधानसभा अध्यक्ष से इस बाबत अनुरोध
किया था कि अगर गैरसैंण में बजट सत्र आयोजन संभव हो सके, तो उसे तो वहीं पर कराया जाए। मगर,
अब जब विधानसभा अध्यक्ष ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि वहां पर काम चल रहा है, तो ऐसे में
बजट सत्र के वेन्यू को लेकर फिर से विचार किया जा सकता है ।वहीं,गैरसैंण के स्थान पर देहरादून में बजट
सत्र के आयोजन के विचार विमर्श में लाए जाने की कोशिश पर सरकार को निशाने पर लेते हुए कांग्रेस
विधायक एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट सत्र के आयोजन को लेकर जो विरोधाभास की स्थिति
उत्पन्न हुई है,वो सरकार और विधानसभा अध्यक्ष के बीच की है। ऐसा लग रहा है कि सरकार और
विधानसभा अध्यक्ष के बीच कोई समन्वय नहीं है। जबकि , मुख्यमंत्री ने इस बाबत घोषणा की थी, कि
गैरसैंण में 10 दिन का बजट सत्र आहूत किया जाएगा। ऐसे में अब सरकार की कही हुई बात पर किसी को
विश्वास नहीं रहा है, क्योंकि सरकार कहती कुछ है और करती कुछ है। उन्होंने कहा कि देहरादून में
विधानसभा बजट सत्र होना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार और विधानसभा अध्यक्ष के बीच द्वंद्व होने की वजह से
ये स्थिति बनी है। लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं लेखक वर्तमान में दून विश्वविद्यालय में
कार्यरत हैं।

Share19SendTweet12
Previous Post

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तीन दिवसीय देवाल कौथीग में शिरकत करेंगे

Next Post

डोईवाला : नवनिर्वाचित अध्यक्ष और सभी सभासदों ने पद, गोपनीयता और निष्ठा की शपथ ली

Related Posts

उत्तराखंड

84 प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने किया एसडीआरएफ मुख्यालय का दौरा

April 26, 2026
32
उत्तराखंड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ का 133वां संस्करण सुना

April 26, 2026
16
उत्तराखंड

लोहाजंग क्षेत्र में अविरल नंदा रन फॉर चैरिटी दौड़ का आयोजन होगा

April 26, 2026
8
उत्तराखंड

मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने देहरादून पहुंचे और पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी.सी. खण्डूडी की कुशलक्षेम जानी

April 26, 2026
12
उत्तराखंड

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बागवानीऔर फलों को हुआ नुकसान

April 26, 2026
11
उत्तराखंड

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा आस्था के जनसैलाब में पवित्रता!

April 26, 2026
8

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67678 shares
    Share 27071 Tweet 16920
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45776 shares
    Share 18310 Tweet 11444
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38051 shares
    Share 15220 Tweet 9513
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37438 shares
    Share 14975 Tweet 9360
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37330 shares
    Share 14932 Tweet 9333

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

84 प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने किया एसडीआरएफ मुख्यालय का दौरा

April 26, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ का 133वां संस्करण सुना

April 26, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.