देहरादून, 2 फरवरी, 2026. दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से आज प्रातः कालीन सत्र में मोहन सिंह ‘अकेला’ द्वारा लिखित व संपादित स्वतंत्रता पूर्व के युग परिवर्तक गढ़वाली सैनिक पुस्तक का लोकापर्ण व उस पर चर्चा की गयी.
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने
मोहन सिंह ‘अकेला की इस पुस्तक को स्वतंत्रता पूर्व के सेनानी व व्यक्तियों तथा सैनिकों द्वारा दिये गये योगदान को रेखांकित करने वाला दस्तावेज बताया.इस पुस्तक को आम लोगों के अलावा शोध छात्रों,सामाजिक अध्येताओं के लिए महत्वपूर्ण बताया.
मुख्य अतिथि कर्नल डी.एस. बर्त्वाल (से.नि.) ने इस कृति को सेनानियों के जीवन व योगदान का प्रमाणिक वृतांत करार दिया।.चर्चाकार के रुप में उपस्थित डॉ.मुनि राम सकलानी, साहित्यकार ने पुस्तक में वर्णित किये गये श्रीदेव सुमन की शहादत को याद करते हुए उन्हें महान देशभक्त बताया. डॉ. लालता प्रसाद, पूर्व निदेशक राज्य अभिलेखागार, उत्तराखण्ड
ने लेखक को बधाई देते हुए उनके कार्य को अतुलनीय बताया. प्रो. रंजना रावत, विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग, डीएवी (पीजी)कॉलेज ने उम्मीद जतायी कि हम लोगों को व्यक्तित व सरकार, संस्थाओं,विश्वविद्यालयों व शैक्षिक संस्थानों को आगे आकर इनके संकलन दिशा में काम करना चाहिए. इतिहासकार डॉ. सुनील कुमार सक्सेना ने कहा कि हमें देश व समाज के लिए कुर्बानी देने वाले स्वतंत्रता सेनानी व सैनिकों के योगदान को याद करते हुए उनसे प्रेरणा लेने का प्रयास करना चाहिए.
कार्यक्रम का संचालन सामाजिक इतिहासकार डॉ.योगेश धस्माना ने किया. कार्यक्रम के प्रारम्भ में केंद्र के कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रशेखर तिवारी ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया.
इस दौरान के शहर के अनेक प्रबुद्ध लोग,साहित्यकार, युवा छात्र, सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों सहित तिवारी, सुरेन्द्र सजवाण, डॉ. वीके डोभाल, कुलभूषण, देवेन्द्र कुमार, सुंदर सिंह बिष्ट, जगदीश सिंह महर, शैलेन्द्र नौटियाल, आदि उपस्थित रहे।












