देहरादून: आज देहरादून में सर्वजन स्वराज पार्टी ने उत्तरप्रदेश के कब्जे से राज्य की परिसम्पतियों को वापिस लाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य की विभिन्न समस्याओं को लेकर राज्यपाल को जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।

राज्य को उत्तरप्रदेश से अलग हुए 20 वर्ष से भी अधिक बीत गए है किंतु आज भी हमारे राज्य उत्तराखंड की लाखों करोड़ रुपिय की परिसंम्पत्तिया (नहर वाई,सिचाई विभाग ,आवास विकास व राज्य की 13000 एकड़ से भी अधिक जमीन व राज्य कई बड़े डेम आदि आज भी यू पी के ही कब्जे में है।
चूंकि 20 सालो की अभी तक कि सरकारों ने हमारी परिसंम्पत्तिया वापसी के लिए कोई ठोस कदम नही उठाये है और न ही अभी तक की 20 सालो की कांग्रेस व बीजेपी की सरकारे राज्य के नोजवानो को रोजगार मुहैया करा पाई है ,न ही अभी तक की सरकारे राज्य में नजूल भूमि व मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगो के मकानों को सहित मालिकाना अधिकार दिला पाई है ,राज्य का किसान ,गरीब ,मजदूर ,कर्मचारी ,व्यापारी व जनमानस अपने हक और हकूक की लड़ाई आये दिन सड़को पर लड़ते ही रहते है ,20 सालो में हमारे राज्य की सरकारे पहाड़ी जनपदों में स्वास्थ्य सेवा व शिक्षा को आधुनिक तक नही बना पाई है आज हमारे पहाड़ के स्कूलों व अस्पतालों की छतें व दीवारे जर-जर है ।
आज हमारे स्कूल खाली और बनत होते जा रहे हैं। वही हमारे राज्य के टिहरी बांध पर भी हमारा हिस्सा बेहद कम है जबकि हम उसमें कम से कम 50 फीसदी हिस्सेदारी की हम मांग करते है ।और आपसे निवेदन भी करते हैं कि हमारी निम्न मांगो पर संज्ञान लेने और उसे निपटने हेतु मजबूत कदम उठाने का कष्ट करें । जिससे कि इन तमाम मांगो के हमारी पार्टी सर्वजन स्वराज पार्टी को ऐसे बड़े आंदोलन न करने पड़े जिससे आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी हो।
पार्टी की मुख्य मांगें मांगे —
1-हमारे राज्य की परिसंम्पत्तिया हमे जल्द से जल्द वापस मीलें।
2 -राज्य में किसान पर लाये गए किसान विकास विरोधी काले को भी तुरंत निरस्त किया जाए ।
3-राज्य की नजूल भूमि व मलिन बस्तियों को उनके घरों के साथ उन्हें मालिकाना अधिकार हेतु राज्य सरकार विधानसभा में सत्र बुलाकर अध्यादेश लाये और मालिकाना अधिकार दे ।
4-राज्य वाशियों के कॅरोना काल के महामारी दौर के पिछले 6 माह का बिजली -पानी बिल व 6 माह के राज्य भर के स्कूलों की फीस माफ की जाए ।
5-राज्य में असवैधानिक तरीके से चल रही ओला उबेर टैक्सी कंपनी को राज्य में पूर्ण प्रतिबंदित किया जाए ।












